अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नरवाल के कासिम नगर में वन भूमि पर 70 कनाल भूमि पर मियावाकी तकनीक से पौधे लगाए जाएंगे। इसमें फलदार पौधे भी होंगे। सात हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इससे यह क्षेत्र हरा-भरा तो होगा ही, साथ ही फल भी मिलेंगे। इस वन क्षेत्र को ग्रीन फील्ड के तौर पर विकसित करने की योजना है। इसके माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक भी किया जाएगा।
मियावाकी एक जापानी तकनीक है, जिसका प्रयोग कर किसी स्थान की जलवायु, वहां की मिट्टी व पौधों का चयन कर पौधारोपण किया जाता है। कासिम नगर में नगर निगम व वन विभाग के सहयोग से इस अभियान को शुरू किया जा रहा है। पौधों का संरक्षण, उनकी नियमित देखभाल, खाद, पानी आदि देने की जिम्मेदारी वन विभाग को दी गई है। नगर निगम पौधों का रोपण कर वन विभाग को हैंडओवर कर देगा।
नगर निगम की ओर से जलवायु के अनुकूल पौधों का चयन किया गया है। इसमें छायादार, फलदार पौधे हैं। कासिम नगर वन क्षेत्र की मिट्टी, पानी व अन्य जरूरी कारकों की जांच कराकर ही पौधरोपण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के लिए जरूरी
मियावाकी तकनीक में पौधों का रोपण पास-पास किया जाता है। इनमें पौधों की ऐसी प्रजाति रोपी जाती है जो कम ऊंचाई तक बढ़ते हैं और इनकी जड़ों का फैलाव कम होता है। टहनियों का फैलाव भी कम होता है। ऐसे पौधे 15 से 30 फीट तक बढ़ते हैं। इस तकनीक से वन स्थलों को कम समय में विकसित किया जा सकता है।
इन पौधों का होगा रोपण
कासिम नगर में आंवला, जामुन, शीशम, गुलमोहर, अमरूद, नीम, संतरा, एलोवेरा, करंज का रोपण प्रमुखता से किया जाएगा।
कोट
कासिम नगर में खाली पड़ी वन भूमि पर शुक्रवार को मियावाकी तकनीक से पौधरोपण अभियान शुरू होगा। इसका शुभारंभ मुख्य सचिव अटल डुल्लू करेंगे। सात हजार से अधिक पौधों का रोपण यहां पर होगा। इस खाली क्षेत्र को हरा-भरा बनाने में मियावाकी तकनीक का फायदा मिलेगा।
-डा. देवांश यादव, कमिश्नर नगर निगम, जम्मू