अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पीडब्ल्यूडी को अग्रिम भुगतान फिलहाल नहीं मिल पाया है। इसका असर राहत और बचाव कार्य पर पड़ने की आशंका है। विभाग ने कुल नुकसान का 10 फीसदी अग्रिम भुगतान के तौर पर मांगा था। प्राकृतिक आपदा में पीडब्ल्यूडी को करीब एक हजार करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है। इसके मुताबिक विभाग ने 100 करोड़ रुपये मांगे थे।
विभाग ने शुरुआती आकलन के बाद इसकी रिपोर्ट आपदा राहत और पुनर्वास विभाग को भेजी है। मौसम सुधरने के बाद विभाग ने कई हिस्सों में सड़क बहाली का काम युद्धस्तर पर शुरू किया है। अब तक करीब 95 फीसदी सड़कों को बहाल कर लिया गया है। अब बजट की कमी विभाग के आड़े आनी शुरू हो गई है।
जिन ठेकेदारों की मदद से सड़क पर गिरे मलबे को हटाया जा रहा है उनका भुगतान करने के लिए विभाग के पास बजट की कमी होती जा रही है। ऐसे में ठेकेदारों का भुगतान फंसने की संभावना बन गई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों में 2060 सड़कें प्रभावित हुई थीं। केंद्रीय टीम ने मौसम से बाधित सड़कों का मुआयना किया है। अभी तक पीडब्ल्यूडी की सड़कों के लिए बजट जारी नहीं हो पाया है।
पीडब्ल्यूडी ने राहत और पुनर्वास विभाग को सभी जिलों में आठ से 12 करोड़ रुपये की मांग भेजी है। जम्मू संभाग में इस नुकसान का आकलन किया गया है। नुकसान की किस्त जारी होने के बाद काम में तेजी आने की संभावना रहेगी।
विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश गुप्ता ने बताया कि विभाग ने करीब 95 फीसदी सड़कों को बहाल कर लिया है। जो सड़कें रह गई हैं उनमें मशीनरी को उतारा गया है। विभाग इन सड़कों को बहाल करने का लगातार प्रयास कर रहा है। अग्रिम भुगतान के तौर पर दस फीसदी राशि आपदा प्रबंधन विभाग से मांगी जा रही है। विभाग आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा और राहत कार्याें की निगरानी भी कर रहा है।