पुरमंडल में जंगली जानवरों से फसल को बचाने के लिए बनाए गए अस्थाई शेड को दिखाता किसानस्रोत संव
पुरमंडल। क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में बंदरों और अन्य जंगली जानवरों की बढ़ती संख्या से किसान और ग्रामीण परेशान हैं। बंदर न केवल फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं बल्कि लोगों पर हमला कर उन्हें घायल भी कर देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी मेहनत से उगाई गई फसलें बंदरों के झुंड पूरी तरह तबाह कर देते हैं जिससे किसानों की रोजह-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। आशा वर्कर नीता कुमारी ने बताया कि कई बार बंदर बच्चों पर हमला कर देते हैं और घरों से खाना तक उठा ले जाते हैं।
पूर्व सरपंच सपना सपोलिया ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो गांव वालों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय किसानों ने सरकार से जंगलों में फलदार पेड़ लगाने और पानी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में न आएं।
श्रद्धालु भी उत्तरबहनी और पुरमंडल के ऐतिहासिक स्थलों पर बंदरों के आतंक से परेशान हैं। लोगों ने मांग की है कि मंदिरों के आस-पास से बंदरों को पकड़ा जाए ताकि श्रद्धालु सुरक्षित महसूस कर सकें। संवाद