गाल नी कडनी... की धुन जैसे ही बजी मानो गुलशन ग्राउंड में परमीश वर्मा का नाम गूंज उठा। गुलशन ग्राउंड गांधी नगर में निजी कंपनी की ओर से आयोजित हुए लाइव कांसर्ट में पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के उभरता सितारा परमीश वर्मा की मौजूदगी ने हजारों लोगों में रोमांच पैदा कर दिया।
हर जुबां पर परमीश-परमीश की रट थी। क्या बच्चे क्या बूढ़े... हर कोई परमीश की एक झलक पाने को बेताब दिखा। मौजूद पुलिस कर्मियों का काफी मशक्कत करनी पड़ी जनता को संभालने में। हर कोई परमीश के साथ सेल्फी लेने के लिए आतुर दिखा।
शाम पांच बजे से ही गुलशन ग्राउंड में लोग इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। सभी को परमीश वर्मा के आने का इंतजार था। जैसे ही शाम के साढ़े छह बजे परमीश ने अपने बाडीगार्ड के साथ गुलशन ग्राउंड में इंट्री किया, कि भीड़ बेकाबू हो उठी। हालात ऐसे हो गए कि पुलिस को थोड़ी सख्ती भी बरतनी पड़ी।
परमीश को स्टेज तक ले जाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। हालांकि जैसे ही परमीश ने अपने फेमस गानों की धुन छेड़ी...मानो जनता मतवाली हो गई। कार्यक्रम में मौजूद स्पीकर कवींद्र गुप्ता भी खुद को नहीं रोक पा रहे थे।
देर शाम तक गाल नी कडनी, लो चख मैं आ गया, नवंबर ढोल, छड़ा मुंडा... जैसे गानों ने पूरी महफिल सजा दी। फरमाइश पर फरमाइश और उन्हें पूरा करते परमीश वर्मा ने पूरे जम्मू वासियों का दिल जीत लिया। उन्होंने हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए जम्मू वासियों का धन्यवाद किया। आगे भी वापसी वादा कर वह रवाना हो गए।
बेकाबू भीड़ को काबू करने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
परमीश वर्मा के गानों को सुनने के लिए जम्मू वासियों में आतुरता का आलम यह था कि उन्होंने कुर्सियां फेंक खड़े होकर ही गाना सुनना बेहतर समझा। बार-बार अपने पंसदीदा कलाकार को देखने के लिए स्टेज के नजदीक इकट्ठा होती भीड़ देख पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी।
इस दौरान कई बार भगदड़ की स्थिति में कुछ युवकों को चोटें भी आईं, लेकिन अपने चहेते सितारे को देखने के लिए इकट्ठा हुए लोगों पर कुछ खास असर नहीं पड़ा।