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जम्मू-कश्मीर: पुलवामा मुठभेड़ में इलाज के दौरान एक और जवान शहीद

Tue, 19 Feb 2019 09:09 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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- फोटो : फाइल
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दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों से 12 फरवरी को हुई मुठभेड़ में सेना की 10 पैर कमांडो के घायल जवान ने आज दम तोड़ दिया। इस मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकी को मार गिराया था। पुलिस के अनुसार यह लश्कर कमांडर नवीद जट को श्रीनगर के अस्पताल से भगाने का मुख्य षडयंत्रकारी था। ऑपरेशन में सेना का एक जवान 12 फरवरी को भी शहीद हुआ था।
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पुलवामा जिले के रतनीपोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर 12 फरवरी तड़के करीब तीन बजे सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की। सेना की 50 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), पैरा कमांडो, 181 व 182 बटालियन सीआरपीएफ और एसओजी की ओर से घेराबंदी कर साझा तलाशी अभियान चलाया गया था। इलाके में घेराबंदी सख्त होता देख छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी।

जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। छह घंटे तक चली मुठभेड़ में हिजबुल के एक आतंकी को मार गिराने में सफलता हाथ लगी थी। इस दौरान दो जवान घायल हो गए। इनमें से एक बलजीत सिंह (दिंगर माजरा, करनाल-हरियाणा) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं मंगलवार को 10 पैरा कमांडो के जवान संदीप कुमार ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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आईजी एसपी पाणि ने बताया कि मारे गए आतंकी की शिनाख्त पुलवामा के बेघमबाग काकापोरा के हिलाल अहमद राथर उर्फ अबु जरार के तौर पर हुई है। वह कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुका था और वांटेड आतंकी था। इसने पिछले वर्ष लश्कर के टॉप कमांडर नवीद जट को अस्पताल से भगाने में अहम भूमिका निभाई थी।

उस घटना का यह आतंकी मुख्य षड्यंत्रकारी था। मारे गए आतंकी से हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई है जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों ने बावजूद मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षा बलों ने समन्वय से ऑपरेशन को अंजाम दिया।
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