डीजीपी डॉ. एसपी वैद ने कहा कि इस वर्ष ऑपरेशन ऑल ऑउट शुरू किए जाने के बाद घाटी में युवाओं के आतंकवाद में शामिल होने में काफी कमी आई है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य केवल आतंकियों का सफाया करना ही नहीं है, बल्कि उनका दिल जीतकर मुख्यधारा में शामिल करना है।
पत्रकारों से बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि ऑपरेशन ऑल ऑउट का एक उद्देश्य यह भी है जिन युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता छोड़ा है उनकी बेहतर काउंसिलिंग की जाए। उन्हें मुख्यधारा में लाकर पैरों पर खड़ा किया जाए। इसके लिए उन्हें बेहतर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इसके साथ ही मुठभेड़ के दौरान स्थानीय युवाओं से समर्पण करने की अपील भी की जा रही है ताकि वे अपने परिवार के साथ खुशहाली से रह सकें। इसके लिए उन्हें कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घाटी में युवाओं के आतंकी संगठनों का दामन थामने की घटना में कमी आई है।
उम्मीद है कि भविष्य में इसमें और अधिक सुधार होगा। सुरक्षा बल अपने में सुधार लाने वालों को मौका दे रही है क्योंकि वे अपने ही बच्चे हैं। उन्हें एक मौका दिए जाने में कोई हर्ज नहीं है। उम्मीद है कि घाटी में जल्द ही शांति बहाल होगी क्योंकि यहां के ज्यादातर लोग शांति चाहते हैं।
वर्ष 2016 की तुलना में स्थितियां काफी हद तक बेहतर हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 206 आतंकियों को मार गिराया गया। इसमें 85 स्थानीय और 121 विदेशी थे। आतंकवाद के दलदल से 75 युवाओं को निकाला गया। उन्होंने कहा कि शांति के दुश्मनों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।