पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए फिदायीन हमले में सुरक्षाबलों को जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी इस्माइल भाई उर्फ ‘लंबू’ की शिद्दत से तलाश है। सुरक्षाबलों का मानना है कि लंबू ने ही हमले में इस्तेमाल आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को तैयार किया था। एक माह पूर्व 14 फरवरी को हुए इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के अनुसार लंबू पिछले साल दिसंबर में कश्मीर में दाखिल हुआ था वह फिलहाल दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल एरिया में घूमता देखा गया है। श्रीनगर से 46 किलोमीटर दूर यह घोर आतंकवाद प्रभावित इलाका है। सुरक्षा एजेंसियों को दिसंबर माह में ही इस बात के इनपुट मिले थे कि एक पाकिस्तानी आतंकवादी इलाके में मौजूद है, जिसकी लंबाई साढ़े छह फीट है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व में उसकी तलाश में कई बार घेराबंदी कर अभियान चलाए गए परंतु वह बच निकलने में सफल रहा। सुरक्षा बलों को जो इनपुट्स मिले हैं उसके अनुसार, इस्माइल को जैश ने यहां अपने कमजोर होते नेटवर्क को मजबूत करने, आईईडी तैयार करने तथा नए लड़कों की भर्ती करने के लिए भेजा है। इसके अलावा वह यहां फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) तैयार करने के लिए युवाओं का ब्रेन वाश कर रहा है।
अधिकारियों ने इस बात की आशंका जताई कि 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में इस्तेमाल आईईडी को इस्माइल ने स्थानीय लोगों की मदद से तैयार किया था। बताया जाता है कि 1990 से जब से घाटी में आतंकवाद शुरू हुआ वह यहां बहुत अधिक फलफूल नहीं पाया, परंतु जुलाई 2016 में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी समूह के पोस्टर बॉय बुरहान वानी की मौत के बाद यह शहर आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र बन गया है।
इस वर्ष मारे गए 49 आतंकीअधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष घाटी में अब तक 49 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें दस त्राल एरिया में मारे गए। रविवार को पुलवामा हमले के मास्टमाइंड मुदस्सिर अहमद खान समेत दो आतंकी भी त्राल एरिया में ही मारे गए।