फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुलासा : पुलवामा हमले के लिए आतंकी आदिल ने तीन बार की थी रेकी

Sun, 17 Feb 2019 02:22 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
विज्ञापन
आतंकी आदिल अहमद - फोटो : फाइल
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के लेथपोरा में हुए आत्मघाती हमले के कई पहलू सामने आ रहे हैं। खूफिया सूत्रों की मानें आदिल अहमद डार ने हमले से पहले तीन बार रेकी की थी। उसने 3, 4 और 8 फरवरी को घटना स्थल की रेकी की थी और 9 फरवरी को अफजल गुरु की बरसी पर हमला करने का प्लान था, लेकिन किन्हीं कारणों से उस दिन वारदात को अंजाम नहीं दिया गया।
विज्ञापन


सूत्रों का यह भी कहना है कि पुलिस को पहले से इनपुट था कि हमला होगा। जो इनपुट था उसके अनुसार आतंकी किसी सुरक्षा प्रतिष्ठान या फिर कैंप को निशाना बनाने की फिराक में थे, लेकिन हमला कहां होगा, यह पता नहीं था। इसी के चलते सभी सुरक्षा प्रतिष्ठानों और कैंपों को अलर्ट किया गया था। सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

एक और बात सामने आ रही है कि आदिल ने हमले को अंजाम देने के लिए लाल रंग की ईको कार का इस्तेमाल किया। सूत्रों के अनुसार बस नंबर तीन में बैठे एस्कॉर्ट द्वारा तीन बार उसे रुकने को बोला, लेकिन ठीक उसके एक मिनट के भीतर उसने गाड़ी कानवाई में साइड से ठोक दी और घटना को अंजाम दे दिया।
विज्ञापन


गौरतलब है कि मिली जानकारी के अनुसार आदिल को बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा में टांग पर गोली लगी थी। वह 12वीं कक्षा का ड्रॉप आउट था। मार्च 2018 से वह घर से गायब हुआ था। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वह कभी कभी दिहाड़ी लगाता था। 
विज्ञापन

आदिल का जारी वीडियो दो माह पुराना होने की आशंका

आतंकी आदिल के जारी वीडियो को लेकर जो खुफिया एजेंसियों द्वारा विश्लेषण किया गया है, उसमें यह बात सामने आई है वीडियो में आदिल उर्फ अबू वकास का जो फोटो जारी हुआ था और वीडियो में करीब दो महीने का अंतर लग रहा है। लगता है कि वीडियो दो महीने पूर्व बनाई गई है। वीडियो में आदिल केवल होंठ हिला रहा है। ओडियो प्रि-रिकॉर्डेड है।

इतना ही नहीं जो हथियार वीडियो में है, उनमें दो एम4, बायोपोड पे रखा एक एम4ए1, एक एम4एमके18 आतंकी के हाथ में, एक एके47, एक एम9 ब्रेट्टा पिस्टल, 14 मैगजीन हैं, जिनमें कुछ ईपीएम (खाखी रंग की) मैगजीन भी है।

वीडियो में प्रदर्शित हथियार कश्मीर घाटी में ट्रेंड बन चुके हैं, लेकिन ईपीएम मैगजीन अमेरिकी सेना में 2016/17 में शामिल किया गया था। इतना ही नहीं उनके अनुसार जिस व्यक्ति ने कार्रवाई को अंजाम दिया उसने विस्फोटकों के संयोजन की योजना से लेकर एक विशेष मिशन टीम के साथ प्रशिक्षण/अभ्यास किया होगा। क्योंकि इस हमले की समानता काबुल में 31 मई 2017 को वीबीआईईडी हमले जैसी है। इस हमले में किसी स्थानीय आतंकी की मदद ली गई हो सकती है, जिसको केमिकल इंजीनियरिंग या एमएससी केमिस्ट्री का ज्ञान हो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें