जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में आतंकी हमले के दौरान चालीस जवान शहीद हो गए। काफिले में शामिल जवानों का कहना है कि साथियों को खोने का दुख उम्रभर सालता रहेगा। अब एक ही हसरत है ऐसा करने वालों को अपने हाथों से सजा देना।
वीरवार को इस हमले में 29 बटालियन के हेड कांस्टेबल असीम असगर भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वह छुट्टियां काट कर ड्यूटी के लिए श्रीनगर जा रहे थे। काफिले में 78 वाहन थे। वह तीसरे नंबर के वाहन पर सवार थे। जिस गाड़ी को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया वह छठवें नंबर पर थी। उन्होंने बताया कि जिस वाहन को आतंकी ने निशाना बनाया उसे हम नहीं देख सके। जब धमाका हुआ तो लगा टायर फटा है। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि पीछे बैठे जवानों ने कहा कि लगता है हमला हो गया। इस पर सभी नीचे उतर गए और पोजीशन लेकर बैठ गए गए।
असीम ने बताया कि जब घटना स्थल पर पहुंचे तो वहां काफी दर्दनाक मंजर था। बस पूरी तरह खत्म हो चुकी थी, केवल कुछ लोहे के टुकड़ों के अलावा कुछ बाकी नहीं बचा था। नम आंखें और दर्द भरी आवाज में असीम ने बताया कि मौके पर शव ही शव बिखरे थे। यह देख मन काफी उदास हुआ। दिल में हसरत थी कि काश! ऐसा करने वाले को हम अपने हाथों से सजा दे पाते।
‘हम दोगुनी ताकत से वार करेंगे’
असीम ने कहा कि उनके कुछ दोस्त भी हमले के शिकार गाड़ी में मौजूद थे, जिनके साथ उन्होंने पहले एक साथ ड्यूटी की थी। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले उनसे जम्मू में बातचीत हुई। उनके चले जाने पर उनके परिवार के बारे में सोच कर बेहद अफसोस हुआ। इस सबके बाद बदला लेने की भावना हमारे मन में बहुत ज्यादा है। हम दुगनी ताकत से उन पर वार करेंगे।