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मसर्रत को बिना ट्रायल के दो साल के लिए जेल भेजा

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देश विरोधी गतिविधियों में गिरफ्तार मसर्रत आलम को गुरुवार को देश विरोधी गतिविधियों के चार्ज लगाकर जेल भेज दिया गया है। मसर्रत आलम को बिना ट्रायल के लिए दो साल के लिए जम्मू की कोट भलावल जेल भेजा दिया गया है।
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मसर्रत के उपर पीएसए (जन सुरक्षा अधनियम) के तहत चार्ज लगाए गए है। मसर्रत आलम को सेक्शन 121-A(देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने), सेक्शन124(देशद्रोह), 147(दंगा) के चार्ज लगाए गए हैं। इन सब धाराओं के तहत मसर्रत को दो साल के लिए बिना ट्रायल के जेल में भेज दिया गया है।

बुधवार को बडगाम के सीजेएम अदालत में सुनवाई हुई थी। इस दौरान मसर्रत के वकील ने दलील दी कि मसर्रत को राजनीतिक कारणों से अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
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मसर्रत से देश की एकता-अखंडता को खतरा

मंगलवार को पुलिस ने अदालत में केस डायरी जमा करते हुए जमानत का विरोध किया और कहा कि मसर्रत से देश की एकता-अखंडता को खतरा है।

बुधवार को अदालत में बहस के दौरान मसर्रत आलम को पेश नहीं किया गया था। चीफ प्रॉसिक्यूशन अफसर (सीपीओ) ने सीजेएम बडगाम कमलेश पंडिता के सामने अपनी दलील पेश की थी।

मसर्रत के वकील शब्बीर अहमद भट ने बताया कि अदालत में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। तर्क दोनों की ओर से रखे गए। उसके आधार पर अदालत ने 25 अप्रैल को अंतिम फैसला सुनाने का निर्णय लिया। मसर्रत के वकील के साथ एडवोकेट बिलाल अहमद वानी, जावेद हुब्बी और मोहम्मद शफी भी थे।

ज्ञात हो कि मसर्रत के अलावा अन्य अलगाववादी नेताओं पर देशद्रोह के आरोप हैं, जिन्होंने 15 अप्रैल को हैदरपोरा इलाके में पाकिस्तान के हक में नारेबाजी करने के साथ-साथ पाकिस्तानी झंडे भी लहराए थे।
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