आरएस पुरा। उपजिले के किसी कस्बे या गांव में जब भी कोई मंत्री दौरे पर आता है, तो प्रशासन के हरकत में आने पर रातोंरात सड़क बना दी जाती है। अन्य दिनों में सड़क चाहे जितनी जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच जाए, कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती है। बुजुर्ग दलीप चौधरी ने कहा कि कदेश की सरकारें जरूर बदलीं लेकिन पहले की तरह की नीति नहीं बदल पाई।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष केंद्री मंत्री राजनाथ सिंह के सीमावर्ती गांव चकरोई में दौरे के दौरान रातोंरात जर्जर सड़क पर तारकोल डालकर पक्का किया गया। राजनाथ सिंह आरएस पुरा तक हेलिकॉप्टर से आए और यहां से कार से चकरोई गांव पहुंचे। प्रशासन की ओर से सड़क को रातोंरात पक्का करने पर मंत्री ने इसका प्रयोग ही नहीं किया। गत माह केंद्रीय मंत्रियों के आरएस पुरा दौरों के दौरान मीरां साहिब कस्बे में जर्जर हालत में सड़क की हालत में सुधार किया गया।
जेके सेक्युलर पीपुल फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि सड़क की हालत बेहतर नहीं होने पर प्रशासनिक अधिकारियों, पीडब्ल्यूडी व ग्रामीण विकास की ओर से फंड नहीं होने के लिए कहा जाता है, लेकिन केंद्रीय मंत्रियों के दौरे पर फंड कहां से आ जाता है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 वर्ष बाद आरएस पुरा कस्बे के बाजार से सटा गांव दरावते की मुख्य सड़क पर तारकोल डाल पक्का नहीं किया गया। इसी प्रकार कई ऐसी सड़कें हैं यहां से सैकड़ों की संख्या में वाहन हर रोज आते जाते हैं लेकिन इन सड़कों की हालत में सुधार नहीं किया जा रहा। संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को चाहिए कि वह एक योजना बना इस पर कार्य करें ताकि आम लोगों की दिक्कतों को देखते हुए जर्जर सड़कों की हालत में सुधार हो।