ज्यौड़ियां। खौड़ तथा ज्यौड़ियां क्षेत्र के किसानों के खेतों को सिंचाई करने वाली प्रताप नहर तथा उसकी सहयोगी नहरों के पानी को नवंबर में बंद कर दिया गया। चार माह बीतने के बाद भी आज तक न ही प्रताप नहर की सफाई की गई है और न ही सहयोगी नहर की। इसे लेकर किसानों में रोष है।
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चार माह पहले नहरों के पानी को बंद किया गया, लेकिन सफाई करने को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। प्रताप कनाल का जो हिस्सा खौड़ बाजार के बीच से गुजर रहा है, उसमें गंदगी भरी है। सफाई के लिए न ही सिंचाई विभाग की तरफ से पहल की जा रही है और न ही म्यूनिसिपल कमेटी ही संज्ञान ले रही है।
-देवेंद्र सिंह भाऊ
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पांच-छह साल से नहरों की सफाई समय रहते नहीं की जा रही है। विभाग को पानी छोड़ने से पहले नहरों सफाई करनी चाहिये, और पानी छोड़ा जाना चाहिए ताकि किसान खेतों की सिंचाई कर सकें। सफाई में विभाग की तरफ से लीपापोती ही की जाती है।
-सुखदेव सिंह मन्हास, निवासी देरियां
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हमारी जमीन प्रताप नहर पर निर्भर है। इस नहर पर क्षेत्र की बीस पंचायत के किसानों की खेतीबाड़ी निर्भर है। नहर की सफाई समय रहते और ढंग से नहीं किए जाने से नहर नाले में परिवर्तित हो गई है।
-गुलबदन सिंह, निवासी पलांवाला