ज्यौड़ियां। छंब विधानसभा क्षेत्र के सीमावर्ती गांव सामोआ, चपरेयाल, पंजतूत, पट्टियां, बरडोह आदि गांवों के लगभग सात सौ के करीब परिवार बीस साल से कारगिल युद्ध के दौरान से सौहल रोड पर गांव कोढेवाला में बनाई गई विस्थापित कॉलोनी में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। कॉलोनी में रह रहे लोगों के अनुसार उनकी भूखे मरने तक की नौबत आ गई है। लोगों ने बताया कि सरकार ने उनसे कहा था कि कॉलोनी में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, लेकिन हमें न साफ पानी मिल रहा है न ही राशन ,जहां पर गलियों की हालत इतनी खस्ता है कि हमारे हर 15 दिन में जूते चपल टूट जाते हैं।
लोगों ने बताया कि हमें सब से ज्यादा परेशानी कॉलोनी में रह रहे लोगों को खुले में शोच करना पड़ रहा है। इससे बीमारी फैलने का भय है। तीर्थ राम, अजीत राज, सोनू, तरसेम लाल आदि ने बताया कि हम बेहद परेशानियों में रह रहे हैं। छोटी से छोटी बीमारी पर हमें जम्मू या अखनूर जाना पड़ता है। यहां चिकित्सा केंद्र भी नहीं खोला गया है। इस विषय में बीडीसी के चेयरमैन प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि कोढेवाला कॉलोनी में जीवन व्यतीत कर रहे लोगों के सभी मसलों को प्राथमिकता देकर जल्द हल किया जाएगा।