अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद उत्पन्न हालात के बीच कश्मीरी अवाम से संवाद के लिए सरकार ने पहल शुरू कर दी है। इसके तहत जनता दरबार आयोजित कर सरकार ने सीधे तौर पर आम लोगों से जुड़े मुद्दों को जानने तथा उसका समाधान करने की कोशिश शुरू की है। शुक्रवार को इसका पहला दिन था।
श्रीनगर में सलाहकार केके शर्मा से मिलने कई लोग पहुंचे। इनमें ज्यादातर लोगों की समस्या बिजली-पानी से जुड़ी रहीं। हालांकि, कई इलाकों में पाबंदियों के चलते ज्यादा संख्या में लोग नहीं पहुंचे।
प्रदेश से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया था कि अलगाववादियों से किसी प्रकार की बातचीत नहीं होगी, बल्कि सरकार सीधे जनता से बात करेगी। जनता दरबार इस मायने में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चार दिन श्रीनगर व चार दिन जम्मू में
मालूम हो कि सरकार ने जनता दरबार का कार्यक्रम तय कर दिया है। इसके तहत श्रीनगर में चार दिन राज्यपाल के सलाहकार दो घंटे जनता दरबार लगाएंगे। सलाहकार के विजय कुमार, केके शर्मा, के स्कंदन व फारूक खान सभी चर्च लेन सोनवार स्थित ग्रीवांस सेल में आयोजित दरबार में एक-एक दिन समस्याएं सुनेंगे। सोमवार, मंगलवार, वीरवार व शुक्रवार को इनके लिए एक-एक दिन का समय निर्धारित किया गया है।
पहली बार जन सुनवाई कार्यक्रम जारी
हालांकि, सलाहकारों की ओर से पहले भी समस्याएं सुनीं जाती रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से पहली बार जन सुनवाई का कार्यक्रम जारी किया गया है। जम्मू में भी चार दिन सुनवाई होगी। रोटेशन के आधार पर सलाहकारों का जम्मू व श्रीनगर में कार्यक्रम तय किया गया है। बुधवार, शनिवार व रविवार को जनता दरबार का कार्यक्रम तय नहीं है।