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जम्मू-कश्मीर: अनंतनाग में महबूबा मुफ्ती के चचेरे भाई पर आतंकी हमला, पीएसओ शहीद

Fri, 19 Jul 2019 03:25 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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आतंकी हमले के बाद तलाशी अभियान जारी - फोटो : ANI
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जुमे की नमाज के लिए पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के चचेरे भाई मुफ्ती सज्जाद के साथ मस्जिद गए उनके पीएसओ की आतंकियों ने शुक्रवार को गोली मारकर हत्या कर दी। हमला दोपहर बाद किया गया। घटना के बाद आस-पास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन आतंकियों का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका। 
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मुफ्ती सज्जाद बिजबिहाड़ा में अपने घर से 50 मीटर की दूरी पर स्थित मस्जिद में नमाज के लिए गए थे। उनके साथ पीएसओ फारूक अहमद भी था। मुफ्ती नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद के अंदर चले गए और उनका पीएसओ बाहर ड्यूटी पर था। इसी दौरान पहुंचे आतंकियों ने पीएसओ को निशाना बनाकर हमला कर दिया। काफी नजदीक से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं, जिससे पीएसओ गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली लगने के बाद खून से लथपथ होकर पीएसओ जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद आतंकी पीएसओ का सर्विस राइफल लेकर भाग निकले। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों की संख्या दो थी। हमला होते ही मस्जिद में लगभग अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पाकर पहुंचे सुरक्षा बलों के जवानों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया। इस बीच पुलिस ने बताया कि पीडीपी नेता सुरक्षित हैं। आतंकियों की तलाश के लिए छापे मारे जा रहे हैं।  
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चार दिन पहले नेकां नेता के पीएसओ की हुई थी हत्या
इससे पहले 14 जुलाई को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग में आतंकियों ने नेशनल कांफ्रेंस नेता सैय्यद तौकीर शाह पर हमला किया था। हमले में नेकां नेता तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उनका पीएसओ रियाज अहमद शहीद हो गया था। घटना उस वक्त हुई थी जब शाह कोकरनाग क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल होने के बाद लौट रहे थे। हिल्लर इलाके में आतंकियों ने उनके वाहन को निशाना बनाते हुए उन पर हमला किया था। 

अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि 
आतंकी हमले में शहीद पीएसओ फारूक अहमद को अनंतनाग जिला पुलिस लाइन में आला पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी। कहा, फारूक ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। परिजनों को सांत्वना देते हुए अधिकारियों ने कहा कि गम के मौके पर पूरा महकमा शहीद के परिवार के साथ हैं। बिजबिहाड़ा क्षेत्र के खीरम निवासी शहीद फारूक अहमद के परिवार में पत्नी के अलावा तीन मासूम बेटे हैं।
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