हाईकोर्ट ने पत्थरबाजी करने वाले युवक पर लगे पीएसए को कायम रखा है। आरोपी पर पत्थरबाजी के आठ मामले दर्ज हैं। जस्टिस संजीव कुमार ने आरोपी इशफाक अहमद डार की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की और दलीलें सुनने के बाद याचिका को खारिज करते हुए पीएसए को कायम रखा।
जस्टिस संजीव कुमार ने कहा कि आरोपी के खिलाफ जो सबूत पेश किए गए हैं, वह काफी हैं कि आरोपी को मुक्त न किया जाए। इशफाक के अधिवक्ता ने कोर्ट में पीएसए को लगाने के फैसले को निरस्त करने की याचिका दायर की है, जिसे निरस्त करने का कोई आधार नजर नहीं आता।
जबकि अभियोजन पक्ष का केस मजबूत है, जो कहता है कि आरोपी को मुक्त न किया जाए। 2013 में उत्तरी कश्मीर के हाजिन क्षेत्र में पत्थरबाजी की कई घटनाओं में शामिल रहे इशफाक के खिलाफ पुलिस ने मजबूत चालान और अन्य जानकारियां पेश की थीं।