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अब पीडीपी के पूर्व मंत्री नईम अख्तर पर लगाया गया पीएसए, छह नेता इस कानून में किए जा चुके है निरुद्ध

Sat, 08 Feb 2020 08:47 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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पीडीपी के पूर्व मंत्री नईम अख्तर - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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कश्मीर के कद्दावर नेताओं की हिरासत की अवधि छह महीने पूरी होने के साथ ही इन्हें अब जन सुरक्षा कानून (पीएसए) में निरुद्ध किया जाने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत चार नेताओं के बाद शनिवार को पीडीपी के पूर्व मंत्री नईम अख्तर पर भी पीएसए लगा दिया गया। 
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नईम घाटी की मुख्यधारा की पार्टियों के छठे नेता हैं, जिन पर पीएसए लगाया गया है। सबसे पहले नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर 15 सितंबर को पीएसए लगाया गया था। बाद में दिसंबर में इसे तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया गया। वीरवार को उमर, महबूबा के साथ ही महबूबा के मामा सरताज मदनी व नेकां महासचिव अली मोहम्मद सागर पर पीएसए लगाया गया था।

नईम को पीएसए में निरुद्ध करने के बाद गुपकार रोड स्थित एक सरकारी बंगले में रखा गया है। अब इन्हें तीन महीने तक बिना किसी ट्रायल के जेल में रखा जा सकता है। गुरूवार को एमएलए हॉस्टल से रिहा किए जाने के तत्काल बाद पीडीपी के वरिष्ठ नेता और महबूबा मुफ्ती के मामा सरताज मदनी व नेकां के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर पर पीएसए लगाने के बाद गुपकार स्थित सरकारी बंगले में ले जाया गया। 
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नेकां के पूर्व एमएलसी डॉ. बशीर वीरी को गुरूवार को रिहा करने के बाद घर पर ही नजरबंद किया गया है। नईम, सागर व मदनी को गुपकार रोड स्थित सरकारी बंगले एम 5 में एक साथ रखा गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सज्जाद गनी लोन, पीडीपी नेता वहीद, पीडीपी नेता अब्दुल कयूम वानी को भी एमएलए हॉस्टल से रिहा किया गया। अमर उजाला ने गुरूवार के अंक में यह खबर प्रकाशित की थी कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन एहतियातन बंदी बनाए गए नेताओं की हो रही क्रमबद्ध रिहाई के बाद उन पर पीएसए के तहत कार्रवाई कर सकता है।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को राज्यसभा में बताया था कि राज्य में 389 लोग पीएसए में बंद हैं। अगस्त 2019 के बाद से 444 लोगों पर पीएसए लगाया गया था। इनमें से 55 लोगों को रिहा किया जा चुका है।
 
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