रियासी,पौनी मार्ग बंद कर नारेबाजी करते हुए जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी।
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रियासी। गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को देखते हुए मंगलवार सुबह जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की यूनियन के प्रधान देवेंदर सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस को डर था कि कहीं प्रधान के नेतृत्व में अस्थायी कर्मचारी कोई बवाल न कर दें। इस पर प्रधान ने प्रशासन पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने कहा कि प्रधान को बातचीत के लिए बुलाया था।
मंगलवार सुबह यूनियन के प्रधान को पुलिस अपने साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन में ले गई, और दोपहर में रिहा कर दिया। प्रधान को हिरासत में लिए जाने का पता चलते ही जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी कार्यालय में इकट्ठा हुए। यहां उन्होंने प्रधान को हिरासत में लेने पर रोष व्यक्त किया गया। बाद में कर्मचारियों ने मिलकर रियासी से पौनी, तलवाड़ा की तरफ जाने वाली मुुख्य सड़क को बंद कर दिया। इस दौरान दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया।
जोरदार नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि उनकी समस्याओं को हल करने की बजाय उन्हें तंग किया जा रहा है। वे सौ दिनों से भी ज्यादा समय से हड़ताल कर अपनी मांगें पूरी करने को कह रहे हैं। गृहमंत्री के दौरे से उन्हें आशा थी कि उन्हें स्थायी कर दिया जाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। उल्टा उन्हें बिना वजह परेशान किया गया।
दोपहर बाद मुचलके पर रिहा हो कर्मचारियों के प्रदर्शन में शामिल हुए प्रधान ने कहा कि सोमवार रात भर उनके घर के बाहर पुलिस का पहरा रहा। सुबह होते ही उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया। प्रधान ने कहा कि कर्मचारियों के साथ एलजी प्रशासन गलत व्यवहार कर रहा है। आने वाले दिनों में उनका आंदोलन तेज होगा। इस पर एसएचओ सुनील शर्मा ने कहा कि प्रधान को बातचीत करने के लिए बुलाया गया था। उनकी मांगों को पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया गया है।