गुस्साए किसानों ने बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। कस्बे के गांव सईं में बिजली विभाग ने खेतों में लगे 400 से अधिक पंपसेट के कनेक्शन काट दिए हैं। इससे गुस्साए किसानों ने शनिवार को बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में विभिन्न पंचायतों के पूर्व सरपंचों, पूर्व पंचों और बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। किसानों ने बिजली विभाग व जम्मू कश्मीर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि अगर उनके कनेक्शन जल्द बहाल नहीं किए गए तो बड़ा आंदोलन करेंगे। पंचायत के पूर्व जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बिजली विभाग ने किसानों को बिना सूचित किए ही पंप सेट के कनेक्शन काट दिए। अब किसान गेहूं की फसल को पानी नहीं लगा पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को पहले किसानों को जानकारी देनी चाहिए थी कि किसान अपना बिल जमा करवाएं। उसके बाद विभाग कोई कार्रवाई करता लेकिन विभाग ने किसानों को सूचित किए बिना ही कार्रवाई कर दी। किसानों ने मांग की कि पुराने बिजली बिल माफ कर पंजाब राज्य की तर्ज पर निशुल्क बिजली दी जाए। किसानों ने कहा कि जब भी पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी होती है तो उसका नुकसान सीमावर्ती किसानों को उठाना पड़ता है। उधर, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों ने बिलों का भुगतान नहीं किया है। इस पर कार्रवाई की गई है।
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सीमावर्ती किसानों को अब तक नहीं मिला
है जमीनों का मालिकाना हक : पूर्व सरपंच
पूर्व सरपंच बलवीर कौर ने कहा कि भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ ज्यादातर शरणार्थी परिवार रहते हैं, जिन्हें आज तक जमीनों का मालिकाना हक नहीं मिला है। सरकारी योजनाओं का भी किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकतर ट्यूबवेल खराब हैं। पूर्व नायब सरपंच नरेंद्र कौर ने कहा कि स्थानीय विधायक क्षेत्र को किसानों का साथ देना चाहिए लेकिन वह अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला कह रहे हैं कि कश्मीर के लोगों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है जबकि जम्मू संभाग के किसानों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। अगर जल्द विभाग ने बिजली बहाल नहीं की तो आने वाले दिनों में किसान नई रणनीति के तहत विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।