अरनिया में धरना प्रदर्शन में भाग लेते लोग।
अरनिया। पुराने बकाया बिलों की अदायगी न करने पर कनेक्शन काटने से लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। इस पर अरनिया के वार्ड 12 के ग्रामीणों ने रविवार को बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस मौके पर लोगों ने विधायक राजीव भगत के खिलाफ भी नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। बिजली विभाग की ओर से पुराने बकाया बिलों को लेकर क्षेत्र में निरंतर बिजली के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। इसके चलते लोग परेशान हो गए हैं। पिछले एक महीने से अरनिया के ग्रामीण इकट्ठे होकर बिजली विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बॉर्डर संघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि शहर के मुकाबले क्षेत्र में सुविधा न के बराबर है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय सीमा के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव के लोगों को मुफ्त बिजली की सेवा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के मोटर पंप के कनेक्शन की बिजली मुफ्त होनी चाहिए। कहा कि जब तक बिजली विभाग ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं करता है। क्षेत्र के लोग निरंतर धरना प्रदर्शन करते रहेंगे।
बॉर्डर संघर्ष समिति के सदस्य यशपाल सैनी ने कहा कि शहर की तर्ज पर क्षेत्र में सुविधा दी जानी चाहिए। इसके बाद बिजली बिल चुकता करने के लिए लोग तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले से ही ग्रामीण क्षेत्र के लोग बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग लोगों के बिजली के कनेक्शन काटने पर तुला हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक बिजली के बिल माफ नहीं हो जाते, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिश्नाह के विधायक डॉ. राजीव भगत कुंभकरण की नींद सो रहे हैं। पिछले एक महीने से लोग बिजली विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन विधायक लोगों के बीच नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी विधायक राजीव भगत चुपचाप बैठे रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्या को उजागर नहीं किया है। इससे साफ प्रतीत होता है कि विधायक को लोगों की बिल्कुल परवाह नहीं है।
इस मौके पर स्थानीय निवासी कमल सिंह ने कहा कि बिजली विभाग जानबूझकर लोगों को तंग कर रहा है। लोगों के पास पुराना बिल चुकता करने के विकल्प नहीं है। इसके चलते बिजली विभाग को मनमानी बंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि आंखें मूंदकर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक गली नाली के उद्घाटन पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। लोगों को सिर्फ वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया गया है।