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Jammu News: पंजाबी को दर्जे के लिए गुज्जर, परिवहन संगठनों संग राजपूत भी आए साथ

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बारिश में पंजाबी भाषा को जम्मू-कश्मीर की आधिकारिक भाषाओं में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्श
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- युवा राजपूत सभा समेत सामाजिक संगठनों ने जताया समर्थन, डीजीपीसी ने व्यक्त किया आभार
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- गुज्जर ट्रस्ट समेत टैक्सी व परिवहन संगठनों ने भी पंजाबी की मांग का समर्थन किया
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। प्रदेश में पंजाबी को आधिकारिक भाषा में शामिल करने की मांग पर अनिश्चितकालीन धरना वीरवार को बारिश के बीच आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को अब सामाजिक, सामुदायिक और परिवहन संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। युवा राजपूत सभा ने मोर्चे का समर्थन करते हुए पंजाबी भाषा को दर्जा देने की मांग को जायज बताया।
सभा के अध्यक्ष दिलावर सिंह मन्हास ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भाषाई और सांस्कृतिक विविधता वाला क्षेत्र है। पंजाबी का यहां महत्वपूर्ण स्थान है। डीजीपीसी सचिव सुरजीत सिंह और उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह ने मन्हास, चेयरमैन रघुबीर सिंह रखवाल और पूरी टीम का समर्थन के लिए आभार जताया।
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गुज्जर देश चैरिटेबल ट्रस्ट ने भी सिख संगत की मांग का समर्थन किया। ट्रस्ट ने पत्र के माध्यम से पंजाबी को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने की मांग का समर्थन किया। ऑल इंडिया कॉन्फेडरेशन ऑफ एससी/एसटी/ओबीसी ऑर्गनाइजेशंस की प्रदेश इकाई ने अध्यक्ष आरके कल्सोत्रा के नेतृत्व में मांग को पूर्ण समर्थन दिया। संगठन ने 28 सितंबर के पत्र में पंजाबी को जम्मू-कश्मीर की साझा संस्कृति और विरासत का हिस्सा बताया। एयरपोर्ट टैक्सी ड्राइवर्स एसोसिएशन, टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन रेलवे स्टेशन जम्मू, जम्मू प्रोविंस टूरिस्ट टैक्सी ऑपरेटर्स फेडरेशन और अखिल भारतीय परिवहन संघ बाड़ी ब्राह्मणा ने भी समर्थन दिया। सिख नौजवान सभा और गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा ने लिखित में समर्थन जताया।
पीडीपी प्रवक्ता वरिंदर सिंह सोनू ने भी मोर्चा और पंजाबी भाषा की मांग के समर्थन को दोहराया। आयोजकों ने कहा कि वे नेशनल कॉन्फ्रेंस के औपचारिक रुख का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा ने एक दिन का विशेष सत्र बुलाने और अपने 29 विधायकों द्वारा पंजाबी भाषा विधेयक के समर्थन की घोषणा की है। गुरुद्वारा रानी तालाब, डिग्याना के चेयरमैन तरनजीत सिंह टोनी ने समर्थन देने वाले सभी संगठनों का आभार जताया।
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समर्थन का दायरा लगातार बढ़ रहा
पंजाबी भाषा की मांग के समर्थन में अब युवा राजपूत सभा, गुज्जर देश चैरिटेबल ट्रस्ट, एससी/एसटी/ओबीसी कॉन्फेडरेशन, टैक्सी यूनियन, परिवहन संगठन, सिख नौजवान सभा और गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा समेत कई संस्थाएं सामने आई हैं। आयोजकों के अनुसार, विभिन्न वर्गों से मिल रहा समर्थन आंदोलन के प्रति बढ़ती सामाजिक भागीदारी को दर्शाता है।
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