जम्मू। भारत बंद में किसानों के समर्थन में विभिन्न संगठनों के साथ जनता भी कूद पड़ी। केंद्र सरकार के कृषि बिलों के खिलाफ मंगलवार को जम्मू शहर में जगह-जगह प्रदर्शन किए गए, रैलियां निकालीं गईं। डिग्याना-कुंजवानी रोड जाम कर दिया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, यात्री भी परेशान हुए, केवल एंबुलेंस, सैन्य और पुलिस सहित इमरजेंसी वाहनों को ही जाने दिया गया।
किसान तहरीक, जम्मू किसान सभा के पदाधिकारियों के अलावा अलग-अलग संगठनों के सदस्यों ने रोष रैलियों में हिस्सा लेकर सरकार से इन काले बिलों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर बिलों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज कर देंगे।
डिग्याना आश्रम में प्रदर्शन के दौरान किसान संगठन के वरिष्ठ नेता टीएस बजीर, अवतार सिंह आदि ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय सहन नहीं होगा। केंद्र सरकार तीन कृषि बिलों को वापस ले और किसानों को उजड़ने से बचाए। सिख यूथ सेवा टस्ट के अध्यक्ष तेजिंद्र सिंह ने कहा कि किसानों पर अत्याचार कब खत्म जोगा, किसान मेहनत करता है तो हर पेट को रोटी नसीब होती है। किसानों को उनका अधिकार मिलना ही चाहिए।
ये संगठन
जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के सदस्यों ने अध्यक्ष सुनील डिंपल के नेतृत्व में प्रदर्शन में हिस्सा लिया। युवा कांग्रेस ने बख्शी नगर में पार्षद गौरव चोपड़ा की अध्यक्षता में प्रदर्शन किया। कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है, जो किसान मेहनत कर देश की आर्थिकी सुदृढ़ कर रहा है। उसे दबाया जा रहा है। इसके अलावा गांधी नगर, बिक्रम चौक और गोल मार्केट में भी अलग-अलग संगठनों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। लोक मंच सूबा जम्मू, ऑल आर्गेनाइजेशन, एनओओ, सोशल एक्टिविस्ट संगठनों के पदाधिकारियों ने किसान विरोधी फैसले पर एतराज जताया। इसी तरह श्रीनगर में किसान तहरीक ने प्रदर्शन किया। कठुआ के हीरानगर और सांबा में मीरां साहिब में प्रदर्शन कर किसानों ने रोष जताया।
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वाहन न चलने से दूर-दराज
के दुकानदार नहीं पहुंच पाए
- बाजारों में बंद का दिखा मिला-जुला असर, अधिकतर दुकानें खुलीं रहीं, हुई खरीदारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मंदिरों के शहर में भारत बंद का मिला-जुला असर रहा। बाजारों में अधिकांश दुकानें खुली रहीं। कुछ दुकानदारों ने ही दुकानें बंद रखीं। यात्री वाहन न चलने से दूर-दराज के दुकानदार नहीं पहुंच पाए। पुराना शहर स्थित मोती बाजार, परेड, कनक मंडी, सिटी बाजार, रघुनाथ बाजार के अलावा गांधी नगर और आसपास के बाजारों में दुकानें खुलीं रहीं। अन्य दिनों की तरह खरीददारी के लिए लोग पहुंचते रहे।
हालांकि बाजारों में शहर के बाहर से आने वाले ग्राहक नहीं पहुंच पाए। मोती बाजार में सामान लेने आए मोहित, रुमेल और शारदा ने बताया कि पहले कहा जा रहा था कि बाजार बंद रहेंगे, लेकिन सुबह जब बाजार आए तो दुकानें खुलीं थीं। मोती बाजार एसोसिएशन के प्रधान चंदन गुप्ता, मनोज, हितेश और अन्य ने बताया कि अन्य दिनों के मुकाबले कारोबार कम हुआ है। बाहर से आने वाले ग्राहक नहीं पहुंच पाए।