श्रीनगर। बेमिना इलाके के लापता पीएचडी स्कॉलर बासित हिलाल के परिवार वालों ने सोमवार को श्रीनगर की प्रैस कॉलोनी में प्रदर्शन कर सरकार से उसके बारे में जल्द पता लगाने की गुहार लगाई। बता दें कि बासित हाल ही में अपने कुछ दोस्तों के साथ गांदरबल जिले में ट्रेकिंग के लिए नारानाग गया था। उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है, जबकि उसके बाकी दोस्त लौट आए थे।
सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बासित ने अपने दोस्तों को गंगबल झील के लिए ट्रेकिंग पर जाने से इंकार करते हुए कहा था कि वह यहीं नारानाग में उनका इंतजार करेगा। जब उसके दोस्त लौटे तो वह वहां नहीं था। इस बीच रविवार को मुठभेड़ में उसके मारे जाने की अफवाह फैली थी लेकिन तीनों मारे गए आतंकियों में वह नहीं था।
प्रदर्शन कर रहे एक परिवार के सदस्य ने बताया कि वह हैरान रह गए जब सुरक्षा एजेंसियों के कुछ लोग रविवार को उनके पास पहुंचे और लापता युवक की शिनाख्त करने को कहा। उन्होंने हमसे कहा कि शायद उनका बेटा मारे गए आतंकियों में से एक है।
सूत्रों की मानें तो बासित श्रीनगर के नटिपोरा के एक अन्य युवक शाकिर के साथ आतंकवाद में शामिल हो गया है। बासित हाल ही में मारे गए आतंकी कमांडर जुनैद सहर्रेई का अच्छा दोस्त था। शाकिर के पिता एक अलगावादी संगठन के साथ संबंधित हैं। हालांकि इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है लेकिन पुलिस जांच कर रही है।