जम्मू। बाहु तहसील के गांव सुंजवां और चौआदी के राजस्व दस्तावेजों के गायब होने के मामले में पटवारियों की गिरफ्तारियों के विरोध में बुधवार को जिले के पटवारी और गिरदावर ने कामकाज ठप रखा है। वहीं, उपायुक्त कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर कार्रवाई का विरोध जताया है। मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर और राजस्व विभाग के वित्त आयुक्त शालीन काबरा से हुई मुलाकात में पटवारियों की मांगों पर गौर करने का आश्वासन मिला है। साथियों को पुलिस हिरासत से रिहा नहीं करने पर अड़े पटवारियों ने वीरवार भी कामकाज ठप रखने का फैसला किया है। वहीं, मांगों पर जल्द ध्यान नहीं देने की सूरत में जिला और यूटी स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
उपायुक्त कार्यालय परिसर में जम्मू जिले के पटवारियों और गिरदावर ने बुधवार को सुबह धरना प्रदर्शन शुरू किया। इसमें वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राजस्व रिकार्ड गायब होने के मामले में पटवारियों और अन्य अधिकारियों को वेबजह परेशान किया जा रहा है। वह जांच में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। जांच के नाम पर किसी को भी बुलाकर गिरफ्तार किया जा रहा है। वर्तमान में राजस्व रिकार्ड के विस्तार कार्य के साथ अन्य कार्यों में पटवारी ईमानदारी से लगे हुए हैं।
न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
जिला प्रधान विनय कुमार ने बताया कि मंडलायुक्त और वित्त आयुक्त ने पटवारियों की मांगों पर जल्द गौर करने का आश्वासन दिया है। लेकिन आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिलता है। वीरवार को भी पटवारी कामकाज बंद रखेंगे और जरूरत पड़ी तो इसे जिला और यूटी स्तर पर किया जाएगा। अधिकांश पटवारियों को विभाग की ओर से कोई पटवारखाना उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिस कारण वह स्वयं इंतजाम करने को मजबूर हैं। पटवारियों की हड़ताल से मौजूदा राजस्व रिकार्ड का विस्तार, बेरोजगार प्रमाणपत्र, सत्यापन, आय प्रमाणपत्र, एससी, ओबीसी प्रमाण पंत्र, इंतकाल, जमाबंदी और निशानदेही आदि गतिविधियां प्रभावित होंगी। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।