जम्मू। बॉर्डर बटालियन भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को फिर से चक्का जाम कर इंसाफ के लिए आवाज उठाई। लिखित परीक्षा के समर्थन में डेढ़ घंटे डोगरा चौक, तवी पुल और बिक्रम चौक में जोरदार नारेबाजी कर सरकार के फैसले पर रोष जताया। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिस कारण वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने के लिए पुलिस को हलका बल प्रयोग भी करना पड़ा। वहीं, 30 से ज्यादा अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार बार्डर बटालियन के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को लिखित परीक्षा आयोजित करने के लिए बिक्रम चौक स्थित तवी पुल पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि बाद में पुलिस ने एक तरफ का रास्ता छोड़ने को कहा। यहां पर काफी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे। इससे पहले डोगरा चौक में भी नारेबाजी की और तवी पुल पर पहुंचे। तवी पुल के बाद बिक्रम चौक में भी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन सुबह सवा 11 बजे के करीब शुरू हुआ और पौने 12 बजे तक जारी रहा। अभ्यर्थियों में शामिल दिप्ती, मोनिका और सुरेश ने बताया कि तीन साल से बार्डर बटालियन गठित करने पर काम चल रहा है। अभी तक लिखित परीक्षा नहीं हो पाई है। अब नई अधिसूचना के तहत बार्डर इलाकों से अन्य अभ्यर्थियों के लिए भी परीक्षा में आवेदन करने के निर्देश हैं। जो अभ्यर्थी पहले से ही इंतजार कर रहे हैं उन्हें इसका नुकसान होगा। अगर जल्द लिखित परीक्षा आयोजित गई तो उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी नेता जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। वे भूख प्यासे प्रदर्शन कर रहे हैं। जब नेताओं से बात की जा रही है तो वह किनारा कर रहे हैं। उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। यह अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। बार्डर इलाकों मेें रहने वाले लोगों के पास रोजगार नहीं है। सरकार रोजगार देने में आनाकानी कर रही है। अधिकारी भी नहीं सुन रहे हैं।
किसी ने बालों से पकड़ा, तो किसी टांगों से घसीटा
इंसाफ के लिए प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए हलके बल प्रयोग से काफी रोष दिखा। महिला अभ्यर्थियों ने नम आंखों से बताया कि किसी ने बालों से पकड़ा तो किसी टांगों से घसीटा है। कहा कि वह प्रदेश के 10 जिलों से जम्मू में प्रदर्शन में हिस्सा लेने आई थीं। लेकिन मौलिक अधिकारों की मांग के लिए पुलिस कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की है। डोडा से आई एक अभ्यर्थी ने बताया कि अभी वह प्रदर्शन में शामिल नहीं हुई थी, लेकिन महिला पुलिस कर्मियों ने बल प्रयोग शुरू कर दिया। कई युवतियों को जबरदस्ती गाड़ियों में बैठा कर हिरासत में लिया। राजोरी से आई एक अन्य महिला अभ्यर्थी ने बताया कि सरकार का फैसला गलत किया है। अब पुलिस का सहारा लेकर अभ्यर्थियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
अभ्यर्थियों को हिरासत में न लिया जाए: श्रीराम सेना
बार्डर बटालियन के अभ्यर्थियों के समर्थन में मंगलवार को श्रीराम सेना की राजीव महाजन की अध्यक्षता में बैठक की। इसमें अध्यक्ष ने बताया कि बीएसएफ और सीआईएसएफ के अभ्यर्थियों को हिरासत में लेना उचित नहीं है। सृजित पदों के लिए अभ्यर्थियों ने शारीरिक परीक्षा पास की थी। तीन सालों से अभ्यर्थी लिखित परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार मौन है। बीते महीने सरकार ने उन्हीं पदों के लिए फिर अधिसूचना जारी की। जिसमें पदों को नहीं बढ़ाया गया है। आक्रोशित अभ्यर्थी मौलिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। लेकिन उन्हें पुलिस बल का प्रयोग करके हिरासत में लिया जा रहा है।