जम्मू। धर्मार्थ ट्रस्ट कर्मियों ने सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर धर्मार्थ ट्रस्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके साथ ही मंडलायुक्त को मांगपत्र भी सौंपा। एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक बंदराल ने कहा कि धर्मार्थ ट्रस्ट भ्रष्टाचार से लिप्त है, जो कोई कर्मचारी इसके खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है। इससे पहले भी 2001 में इसके खिलाफ आवाज उठाई गई थी, उस समय भी तत्कालीन अध्यक्ष और महासचिव नौकरी निकाल दिए गए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रस्ट में कुछ चुनिंदा लोग लाखों का वेतन ले रहे हैं, लेकिन अन्य कर्मचारियों को केवल दो हजार से आठ हजार तक पगार मिल रही है। कर्मियों ने मांग की कि उन्हें श्राइन बोर्ड की तर्ज पर वेतन दिया जाए। सोमवार को इनका प्रदर्शन 14वें दिन में प्रवेश कर गया।
मंडलायुक्त ने आश्वासन दिया कि कर्मियों की मांगों को एलजी के सामने पेश किया जाएगा, ताकि उन्हें जल्द न्याय मिल सके। धर्मार्थ ट्रस्ट कर्मचारी एसोसिएशन ने कहा कि मंगलवार से जनजागरण अभियान की शुरुआत करेंगे, ताकि आम लोगों को भी धर्मार्थ ट्रस्ट में हो रहे घोटालों के बारे जान सकें।