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किसान आंदोलन के समर्थन में हाईवे किया जाम

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जम्मू। किसान आंदोलन के समर्थन में सोमवार को जम्मू में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। रैली निकालकर गांधीनगर में जम्मू-पठानकोट हाईवे को कुछ देर के लिए जाम कर दिया। गांधीनगर गुरुद्वारा से जुलूस निकालकर सिख समुदाय के लोगों ने हाईवे पर रास्ता बाधित किया। इसके साथ ही गाड़ीगढ़ में एसडीएम दफ्तर का घेराव किया। गाडीगढ़ में कर्ण बाग चौक से सिख संगठनों ने रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। एसडीएम को कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए ज्ञापन सौंपा गया।
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गांधीनगर में रोष रैली के दौरान सिख संगठनों के नेताओं ने कहा कि यह कानून आम जनमानस को प्रभावित करेगा। पूर्व महासचिव डीजीपीसी हरजिंद्र सिंह रैना ने बताया कि नए कृषि कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य की कोई गारंटी नहीं रहेगी। इन कानूनों देश की हर गरीब जनता प्रभावित होगी। इसके विरोध में सभी को आगे आना होगा।
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प्रदर्शन में ये संगठन हुए शामिल
प्रदर्शन में सुप्रीम सिख संस्था जेके, सिख यूथ सेवा ट्रस्ट जेके, गुरु ग्रंथ साहिब स्टडी सर्किल जेके, सिख मिशनरी कॉलेज जम्मू, भाई गुरुदास जी सेवा सोसाइटी जम्मू, जेके अकाल पुरख की फौज, सिख यूथ एसोसिएशन, शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी , यूनिट फोरम जम्मू-कश्मीर, फोरम ऑफ पीस एंड टेरोटोरियल इंटीग्रेट, बाबा मक्खन शाह लुभाना सोसाइटी, सिख नौजवान सभा, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, आंबेडकर युवा संगठन, वमसेफ स्टूडेंट यूनियन, जम्मू मुस्लिम फ्रंट, गुरु अमर दास सेवा सोसाइटी जेके आदि संगठन शामिल रहे। इस दौरान वार्ड-44 के पार्षद इंद्र सिंह सूदन, तेजपाल सिंह समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
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गाड़ीगढ़ में एसडीएम कार्यालय घेरा, सौंपा ज्ञापन
जम्मू। किसान आंदोलन के समर्थन में किसान विकास फ्रंट समेत, सिविल सोसाइटी और अन्य संस्थाओं ने कर्ण बाग चौक पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही लोअर गाड़ीगढ़ में एसडीएम ऑफिसका घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। गाड़ीगढ़ के सरपंच आया सिंह ने कहा कि नए कृषि कानून सिर्फ किसानों के लिए ही काले कानून नहीं हैं, बल्कि आम जनता के लिए भी नुकसानदेह हैं। इन कानूनों से महंगाई आसमान छूने लगेगी क्योंकि इनमें कारपोरेट सेक्टर के लोगों के लिए ही सब कुछ है। सर्वेक्षण के अनुसार हर 32 मिनट में भारत में एक किसान आत्महत्या कर रहा है। अगर केंद्र सरकार यह कानून वापस नहीं लेती है तो यह आंकड़ा और बढ़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार इन तीनों कानूनों को वापस ले। इस मौके पर हिम्मत सिंह, लेखराज खजूरिया, कुलवंत सिंह, मोहम्मद शरीफ सरताज, करनैल दास, दादर सिंह, रूप चंद, सरपंच आया सिंह, सरपंच अवतार सिंह, आरके कलसोत्रा, गुरुदेव सिंह, एक्स सरपंच नानक सिंह, मोहिंद्र सिंह पंच, ताजिंद्र सिंह, अरशफ अली, अजीत राज, सुनिल कुमार, जोगिंद्र सिंह, द्वारका नाथ आदि मौजूद रहे।
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