जम्मू। प्रदेश में भारत बंद के दौरान यात्री वाहनों के पहिये थमे रहे। किसानों के समर्थन में ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम रखा। बसें और मेटाडोर न चलने से नौकरी पेशा वालों और अन्य यात्रियों परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली मेटाडोर पूरी तरह से बंद रही। ऐसे में रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैंड जाने वाले यात्री ऑटो या पैदल ही गंतव्य की ओर रवाना हुए। जम्मू शहर के विभिन्न रूट पर 700 के करीब मेटाडोर चलती हैं, जो मंगलवार को पूरी तरह बंद रही। इसका असर आम लोगों पर पड़ा और उन्हें मजबूर ऑटो आदि का सहारा लेना पड़ा। बस स्टैंड, बिक्रम चौक, डोगरा चौक सहित अन्य बस स्टॉप पर यात्री बैठे दिखे। ट्रेन से जम्मू आए उत्तर प्रदेश के यात्रियों के समूह ने कहा कि हमने कश्मीर घूमने जाना था। टैैक्सी की बुकिंग थी, लेकिन हड़ताल होने से नहीं जा पाए, इसलिए अब रात होटल में ठहरना पड़ेगा। जम्मू से उधमपुर, कटड़ा, कठुआ, राजोरी, डोडा, रामबन, किश्तवाड़ रूट पर चलने वाली बसों के पहिये भी थमे रहे। हालांकि दोपहर तीन बजे के बाद राजोरी और उधमपुर के लिए इक्का-दुक्का बसें चलीं, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
-------------
गाड़ियां न चलने का नहीं था पता
बस स्टैंड पर गुजारनी पडे़गी रात
अंतर जिला रूट की बसें बंद रहने से यात्री काफी परेशान रहे। बेटे के साथ जम्मू आए रमेश कुमार को अपने घर डोडा जाना था। उन्होंने कहा कि पता नहीं था कि गाड़ियां बंद रहनी हैं। आज बस स्टैंड पर ही रात गुजारनी पड़ेगी, सुबह पहली बस से जाना होगा। श्रीनगर से आए उत्तर प्रदेश के यात्रियों ने कहा सुबह आठ बजे जम्मू पहुंचे थे, यहां आकर पता चला की बसें बंद हैं। दो बजे की ट्रेन थी, लेकिन मेटाडोर नहीं मिलने से पैदल ही सफर करना पड़ा।
------------
एसआरटीसी बसें चलीं
करना पड़ा घंटों इंतजार
शहर में कई रूट पर जेकेआरटीसी की बसें चलीं। हालांकि यात्रियों को बस का कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। रेलवे स्टेशन जाने के लिए लोगों को एक घंटे तक एसआरटीसी का इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद वे अपने गंतव्य तक पहुंचे। जेकेआरटीसी ने कठुआ सहित अन्य जिलों के लिए अपनी नियमित सेवा को जारी रखा।