मेहबूबा मुफ्ती के एयरपोर्ट से निकलते ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प।
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जम्मू। पांच दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंची पीडीपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब ढाई बजे श्रीनगर से जम्मू पहुंची महबूबा को एयरपोर्ट के बाहर शिवसेना बाल ठाकरे और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। ‘महबूबा मुफ्ती तिरंगा उठाओ या वापिस जाओ’ के नारे लगाए गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बल प्रयोग कर पीछे धकेल कर महबूबा को सुरक्षित मार्ग मुहैया करवाया।
इसके बाद महबूबा मुफ्ती गेस्ट हाउस पहुंची और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समूह के साथ और अलग-अलग बैठकें भी कीं। बैठकों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। प्रदेश महासचिव सुरेंद्र चौधरी, पूर्व एमएलसी फिरदौस टाक, राजिंद्र मन्हास, विरेंद्र सिंह सोनू समेत संभाग भर से जम्मू पहुंचे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने महबूबा को जम्मू के हालात खासतौर से सियासी परिदृश्य की जानकारी दी। इस दौरान पार्टी से इस्तीफा दे चुके वरिष्ठ नेताओं के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। शुक्रवार को महबूबा मुफ्ती पार्टी के संभागीय मुख्यालय गांधीनगर का भी दौरा करेंगी। सात नवंबर शनिवार को वह नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के आवास पर होने वाली गुपकार गठबंधन दलों की बैठक में भी हिस्सा लेंगी।
राष्ट्र विरोधी बयानबाजी कर रहा गुपकार गठबंधन : शिव सेना
जम्मू। शिव सेना बाल ठाकरे के प्रदेश अध्यक्ष मुनीश साहनी ने कहा कि महबूबा मुफ्ती गुपकार गठबंधन की उपाध्यक्ष हैं और यह गठबंधन राष्ट्र विरोधी बयानबाजी कर रहा है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। गठबंधन के नेता प्रदेश की जनता को गुमराह करने और भड़काने की साजिश रच रहे हैं।
उन्होंने कहा देश के आंतरिक मामलों पर दुश्मन देश चीन और पाकिस्तान से मदद मांगने एवं तिरंगे को लेकर दिया बयान देश एवं राष्ट्र विरोधी हैं। महबूबा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा उपराज्यपाल प्रशासन महबूबा को जम्मू आने की अनुमति देकर यहां पर माहौल खराब करने का जोखिम ले रहा है।
उन्होंने महबूबा से प्रदेश व देश की जनता से माफी मांगने के लिए भी कहा। वहीं राष्ट्रीय बजरंग दल के राकेश शर्मा ने कहा, जब तक महबूूबा तिरंगा झंडा नहीं उठातीं। उन्हें जम्मू में नहीं आने देना चाहिए।