जम्मू। जलशक्ति विभाग के बाद संभाग के तमाम विभागों के अस्थायी कर्मचारियों ने भी 72 घंटे के लिए हड़ताल बढ़ा दी। कर्मचारियों का आरोप है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी उच्च अधिकारी न तो मिलने आए और न ही बैठक के लिए आमंत्रित किया। इससे साफ जाहिर है कि अधिकारी कर्मचारियों की मांगों को अनसुना कर रहे हैं। मौजूदा समय में साठ हजार से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सरकारी कार्यालयों में कामकाज काफी हद तक प्रभावित हो रहा है।
बुधवार को लोक निर्माण विभाग, बिजली कारपोरेशन, जलशक्ति, फ्लोरीकल्चर, एग्रीकल्चर, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई के अस्थाई कर्मियों ने हड़ताल के तीसरे दिन भी कार्यालयो के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि जल्द से जल्द मांगों का हल किया जाए। सात हजार रुपये में गुजारा करना मुश्किल है। आल डिपार्टमेंट केजुअल लेबर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि हड़ताल मांगें माने जाने तक जारी रहेगी। अधिकारी मांगों को हल करने के लिए गंभीर नहीं हैैं।
यह हैं मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- लंबित वेतनमान को जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान को लागू किया जाए।
किसानों को बीज, खाद और उपकरण नहीं मिले
हड़ताल से तमाम विभागों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। फ्लोरीकल्चर और एग्रीकल्चर कार्यालय में किसानों को बीज, खाद और अन्य उपकरण नहीं मिल पाए। पुराना शहर में बिजली गुल होने के बाद ठीक होने के लिए तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसी तरह अखनूर में भी रात को लाइट गुल रही। बुधवार दोपहर बाद ही आपूर्ति हो पाई। इस कारण लोग काफी परेशान हुए। बिजली न होने से पानी की आपूर्ति भी नहीं हुई।
रात को तवी नदी से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं लोग
जम्मू। जलशक्ति विभाग के कर्मियों की हड़ताल से शहर में पानी किल्लत बढ़ती जा रही है। वार्ड नंबर 48 के काउंसलर शाम लाल बसन ने बताया कि मोहल्ला नई बस्ती, बाजीगर बस्ती, गोरखा नगर, सेख नगर, प्रेस मोड़ में एक हफ्ते से जल संकट है। विभाग को अवगत भी कराया लेकिन कोई समाधान नहीं। स्थानीय लोगों लाल कलसी, विकास कलसी, रतीश शर्मा ने बताया कि रात को पानी तवी नदी से भरकर लाना पड़ रहा है। जलशक्ति विभाग को व्यवस्था करनी चाहिए। गोरखा नगर में बिजली की तकनीकी खराबी से भी लोग मंगलवार और बुधवार को परेशान रहे, लेकिन कोई हल नहीं।
बख्शी नगर के काउंसलर गौरव चोपड़ा ने बताया कि गुड़ा बख्शी नगर और छबनियां में भी लोग पानी की किल्लत से परेशान हैं। मुकेश और महेश ने बताया कि तीन दिन से यहां पानी नहीं आया। विभाग कुभकर्णी नींद सोया हुआ है। बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। बिजली की तकनीकी खराबी को ठीक करने में भी विभाग को दस मिनट के बजाए पांच से छह घंटे लग रहे हैं। व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। इसे दुरुस्त किया जाना चाहिए।
सैनिक कॉलोनी में टैंकर पहुंच रहे, लेकिन पानी पूरा नहीं पड़ रहा
सैनिक कालोनी के पार्षद नरेंद्र जमवाल के अनुसार सैनिक कालोनी के अधिकांश इलाकों में पेयजल किल्लत चल रही है। यहां पर नलों में पानी नहीं पहुंच रहा है। टैंकरों का ऑर्डर दिया गया मगर एक या दो टैंकर ही पहुंच रहे हैं। इससे पानी की कमी पूरी नहीं हो रही है।
इसी तरह रेशमघर कालोनी, तालाब तिल्लो, न्यू प्लाट, बेलीचराना, गंग्याल में भी यही हाल है। इन जगहों में पेयजल आपूर्ति आधा घंटा तक ही हुई। गंग्याल में एक ही ट्यूबवेल से आपूर्ति हो रही है। इस कारण आधे इलाके में पानी की किल्लत चल रही है। लोगों को कपड़े धोने के लिए भी पानी पूरा नहीं हो रहा है। पुराना शहर में भी पेयजल किल्लत गहरा गई है।