पंचायत के विकास कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित करवाने के लिए मंथन करते पंचायत प्रतिनिधि।
दोमाना। पंचायत प्रतिनिधियों ने पंचायत विकास कार्यों में ई-टेंडरिंग के विरोध के साथ बैक टू विलेज एक और दो में उठाई गई समस्याओं का समाधान न होने पर रोष जताया है। शनिवार को ब्लॉक भलवाल की सरपंच एसोसिएशन ने मिश्रीवाला में बैठक करते कहा कि गांवों में विकास कार्यों की अनेदखी पर ग्रामीण खफा हैं और उनसे जवाब मांगा जा रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मिंदर सिंह मिन्हास ने कहा कि ई-टेंडरिंग के कारण सरपंच और पंचों को विकास कार्यों में भागीदार नहीं बनाया जा रहा है। पंचायतीराज मानदंडों के अनुसार 21 विभाग सरपंचों से सीधे जुड़े हुए हैं और सरपंच गांव स्तर पर इन विभागों के अध्यक्ष हैं, लेकिन जब भी उन्होंने पीडीडी विभाग के चीफ इंजीनियर से संपर्क कर सुविधाएं मांगीं तो जवाब मिलता है कि विभाग के पास खंभे नहीं हैं, बिजली के तार नहीं हैं और जलशक्ति विभाग के आला अधिकारियों से भी ऐसा ही जवाब मिलता रहा है। सरपंच एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण विकास कार्य एकमात्र ऐसा काम है जो सीधे पंचायतों से जुड़ा था, लेकिन अब केंद्रीय सरकार द्वारा ई-टेंडरिंग की गई है। ग्रामीण विकास कार्यों में पंचायतों के विकास से सरपंचों और पंचों का घर चलता था। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से पंचायतों और गांवों के विकास कार्य सरपंचों और पंचों द्वारा पूरे करवाए गए हैं, आज तक उनकी भी बकाया राशि नहीं मिली है।
धर्मिंदर सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि ग्रामीण विकास कार्यों में ई-टेंडरिंग को रद्द किया। चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर ब्लॉक भलवाल की प्रत्येक पंचायत में बैक टू विलेज तीन कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर बीडीसी चेयरमैन भलवाल कुलदीप कुमार, सरपंच पवन सिंह सलाथिया, रजनी देवी, प्रताप सिंह, नसीब सिंह, मोहम्मद अमीन, जोगिंदर सिंह, कुलजीत सिंह, जस्सा सिंह, नरेश सिंह, हरि सरन, शालू शर्मा, विक्रम शर्मा, जोगिंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।