फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचवक्त्र मंदिर विवाद में साधु-संत भी मुखर

विज्ञापन
पंचवक्त्र मंदिर विवाद को लेकर चर्चा करते संत समाज के सदस्य।
विज्ञापन
जम्मू। ऐतिहासिक पंचवक्त्र मंदिर विवाद को लेकर संत समाज भी आगे आ गया है। संत समाज ने एकजुट होकर जम्मू-कश्मीर के धर्म स्थलों की सुरक्षा का संकल्प लिया। इस संबंध में उप राज्यपाल को ज्ञापन देने का फैसला किया गया है। उनसे संत समाज मांग करेगा कि पूरे प्रदेश में धर्मस्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन

मंगलवार को हृदयदीप आश्रम में संतों द्वारा परिचर्चा में वर्तमान में मठ मंदिरों के अवैध अधिग्रहण की प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई का सबने एक स्वर से विरोध किया। साथ ही इसे निंदनीय बताते हुए भविष्य में इसकी पुनरावृति न हो यह सुनिश्चित करने की मांग की गई। पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को समाज के सामने लाने और दंडित करने की मांग की गई। इस दौरान उप राज्यपाल की ओर से मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए मंदिर का दौरा करने के प्रयास की सराहना की गई। इस अवसर पर स्वामी हृदयानंद, महंत रामेश्वर दास, महंत राजेश, महंत दत्त गिरि, महंत गोपालानंद गिरि, महंत सरल गिरि आदि की उपस्थिति में प्रस्ताव पारित किया गया कि धर्मस्थलों की रक्षा के लिए वे एकजुट प्रयास करेंगे। जरूरत पड़ी तो वे इसके लिए सड़कों पर भी उतरेंगे। यह भी कहा गया है कि जल्द ही उप राज्यपाल से मिलकर उनसे मांग की जाएगी कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हो पाएं, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञात हो कि विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली से लौटते ही उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को पंचवक्त्र मंदिर पहुंचकर मामले की जानकारी हासिल की थी। इससे पहले मंदिर की जमीन पर मल्टीलेवल कार पार्किंग और शॉपिंग कांप्लेक्स प्रोजेक्ट के टेंडर को चौतरफा विरोध के बीच रविवार को रद्द कर दिया गया था। मंदिर ट्रस्ट के कार्यवाहक सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश शर्मा के साथ कई संगठन विरोध में उतर आए थे। बवाल बढ़ते देख जम्मू नगर निगम और जम्मू विकास प्राधिकरण ने लिखित में साफ किया कि जमीन उनकी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें