जम्मू यूनिवर्सिटी में कोरोना टेस्ट करवाने वालों की लगी भीड़।
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जम्मू। प्रदेश में आरटी-पीसीआर के बाद रैपिड एंटीजन टेस्ट अभियान को व्यापक स्तर पर चलाकर कोरोना संक्रमण की पहचान की जा रही है। इस अभियान में चिकित्सा टीमों को लगाया गया है। जिला जम्मू में ही प्रतिदिन औसतन 4000-5000 रैपिड टेस्ट किए जा रहे हैं, लेकिन चिकित्सा कर्मियों को अभी इस अभियान से दूर रखा गया है। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा स्टाफ लगातार संक्रमित पाया जा रहा है, लेकिन यहां भी कर्मियों के लिए रैपिड टेस्ट शुरू नहीं किए गए हैं। प्रदेश में करीब 450 चिकित्सा स्टाफ संक्रमित पाया जा चुका है, जिसमें करीब 160 डॉक्टर हैं। जम्मू के एसोसिएटेड अस्पतालों से ही करीब 100 चिकित्सा कर्मी संक्रमित पाए जा चुके हैं, इनमें 60 डॉक्टर हैं। कश्मीर से 100 से अधिक डॉक्टर और 250 पैरा मेडिकल स्टाफ संक्रमित हो चुका है। खासतौर पर जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों के रैपिड एंटीजन टेस्ट की जरूरत है।
गांधीनगर कोविड अस्पताल में 20 डॉक्टरों को आइसोलेट किया गया है। इसी तरह करीब 15 पैरा मेडिकल स्टाफ भी उपचाराधीन है। एसोसिएटेड अस्पतालों का स्टाफ लगातार रोटेशन में ड्यूटी दे रहा है। इसमें कई डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी के बाद सीधे होटलों में क्वारंटीन हो रहे हैं। चिकित्सा कर्मियों में इस बात को लेकर रोष है कि व्यापक स्तर पर उनके लिए रैपिड टेस्ट शुरू नहीं किए गए हैं। कोरोना योद्धा के रूप में सबसे पहले सभी चिकित्सा कर्मियों के ये टेस्ट करवाए जाने चाहिंए, ताकि संक्रमण की पहचान हो सके। अगर अस्पतालों में संक्रमित स्टाफ सेवाएं देता रहा तो इससे मरीजों और समाज के अन्य हिस्सों में संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहेगा।