जम्मू। जम्मू-कश्मीर रिफ्यूजी फोरम ने मांगें मनवाने के लिए वीरवार को प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किया। फोरम के सदस्य युद्धवीर सिंह चिब ने कहा कि सरकार ने रिफ्यूजियों के हर परिवार को 30-30 लाख राहत राशि देने का वादा किया था, लेकिन आज तक मात्र 5.5 लाख रुपये की एक किश्त ही मिली है। फोरम ने सरकार से मांग की कि जल्द शेष राशि को जारी किया जाए। देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले रिफ्यूजी समुदाय के लोगों को इसमें शामिल किया जाएगा। जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में रह रहे रिफ्यूजियों को हक नहीं मिल पा रहा है। युद्धवीर में डिवीजनल किमश्नर को संज्ञान लेना चाहिए ताकि लोगों को परेशानी नहीं उठानी पड़ी। ब्यूरो
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अनुबंध लेक्चररों को नियमित करे सरकार
जम्मू। ऑल जेके कांट्रैक्चुअल लेक्चरर फोरम के सदस्यों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। फोरम के अध्यक्ष पंकज शर्मा ने कहा कि उनकी नियुक्ति 1998 में हायर सेकेंडरी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर हुई, ताकि बंद होने के कगार पर पड़े स्कूलों को नियमित रूप से चलाया जा सके। उस समय नियमितीकरण की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने 2003 में एक पॉलिसी बनाई, जिसमें शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर लेक्चररों को नियुक्त किया और तीन वर्ष में स्थायी करने की व्यवस्था भी रखी। फोरम ने कहा कि इसके बाद 2010 में सरकार ने एक और नियम बनाया, जिसमें सभी कांट्रैक्ट और अडॉक कर्मचारियों को सात साल सेवाएं देने के बाद स्थायी करने का प्रावधान रखा गया, लेकिन इसमें भी लेक्चररों को शामिल नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों ने 2017 में बनाए एसआरओ-520 के तहत उनको नियमित करने की मांग की। ब्यूरो