मच्छेल मुठभेड़ मामले में सेना के कमांडिंग आफिसर डीएस पठानिया और पांच अन्य जवानों को उम्रकैद की सजा देने के फैसले पर लोक विकास दल ने विरोध जताया। दल के अध्यक्ष विक्रम सलाथिया के अनुसार एक तरफ देशभक्त लोगों को सजा दी जा रही हैं। दूसरी तरफ मसर्रत आलम जैसे लोगों को रिहा किया जा रहा है। पाकिस्तान भी हमारे देश में आतंकी हमले कराने वाले लखवी को छोड़ रहा है।
केंद्र और राज्य सरकार जवानों का मनोबल गिरा रही है। आगे से कोई भी आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आतंकी खुलेआम घूम रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सेना भी तैयार नहीं होगा। केंद्र सरकार ने रक्षा बजट बढ़ाया। देश की एकता, अखंडता व प्रभुसत्ता से कोई समझौता नहीं करेगी। सरकार यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
जब भारतीय सेना के जवानों को उम्रकैद सुनाई जा रही है। तो देशभक्त लोगों को अपना नजरिया बदलने पर मजबूर किया जा रहा है। जो जवान दिन-रात सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। आंतरिक सुरक्षा प्रदान कर रहे है। सवा सौ करोड़ लोगों को चैन की नींद प्रदान करने के लिए हर वक्त अपनी जान न्यौछावर करने के लिए तैयार हैं।
उन लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई करना विदेशी ताकतों के हाथों खेलना है। इसलिए इस फैसले के खिलाफ सभी राष्ट्रभक्त लोगों को एकजुट होने की अपील करते हुए सलाथिया ने अफस्पा को कमजोर करने की साजिशों व कार्रवाई का भी विरोध किया।