केंद्र के भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ किसान मूवमेंट ने मोर्चा खोल दिया। जिला सचिवालय के सामने एकत्रित मूवमेंट के सदस्यों ने भूमि अधिग्रहण बिल को कृषि क्षेत्र को खत्म करने की साजिश करार दिया।
जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन कर मूवमेंट सदस्यों ने कहा कि इस बिल को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। लिहाजा सरकार इस बिल को तत्काल प्रभाव से वापस ले।
किसान मूवमेंट के प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पूर्व बिजली मंत्री बाबू सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि बुरे संकट में है।
आजादी से लेकर अब तक कृषि को मजबूती प्रदान करने के बजाए औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी गई है। वर्तमान सरकार ने तो भूमि अधिग्रहण बिल को कृषि के खात्मे के लिए तैयार किया है, ताकि किसान वर्ग भूमि विहीन होकर औद्योगिक कारखानों के श्रमिक वर्ग में तब्दील हो जाए।
प्रदर्शनकारियों में शामिल किसान मूवमेंट के संयोजक करण सिंह सहित सुरिंदर शर्मा, रणवीर सिंह, तरसेम सैनी, अश्वनी कुमार ने कहा कि हजारों वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद मानव जाति ने कृषि को वर्तमान स्तर पर तक पहुंचाया है।
लेकिन, एक के बाद एक सरकारें पूंजीपतियों के लिए कृषि को खत्म करने पर तुली हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि
भूमि अधिग्रहण बिल को फौरी तौर पर वापस लेकर जैविक और संयुक्त खेती की व्यवस्थाएं देनी चाहिए।