पाकिस्तान से फिलहाल वार्ता न करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जम्मू-कश्मीर विधान परिषद में प्रस्ताव पारित किए जाने को भाजपा ने गंभीर मसला बताया है।
प्रदेश भाजपा ने इसे राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए ऐसे लोगों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की है जो प्रस्ताव पारित होने के लिए जिम्मेवार हैं।
पार्टी मुख्यालय में शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में भाजपा की चुनाव प्रचार कमेटी के चेयरमैन डा. निर्मल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद, युद्ध विराम उल्लंघन और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।
पीडीपी, कांग्रेस पर लगाया मिलीभगत का आरोप
उन्होंने कहा कि सचिव स्तर की वार्ता से पूर्व पाकिस्तान उच्च आयुक्त की ओर से कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया जाना तमाशा था। केंद्र सरकार ने ऐसे माहौल में किसी तरह की वार्ता न कर पाकिस्तान को स्पष्ट जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विधान परिषद जैसी संवैधानिक संस्था में केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस सदस्यों की मिलीभगत से प्रस्ताव पारित किया गया और पाक से वार्ता शुरू करने को कहा गया जा सीधे-सीधे केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार में हस्तक्षेप है।
ऐसे लोगों पर राष्ट्र द्रोह का केस चलना चाहिए। सिंह ने कहा कि इस संदर्भ में प्रदेश भाजपा केंद्रीय नेताओं के संपर्क है। इस गंभीर मसले को जोरदार तरीके से केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जा रहा है।
देश के खिलाफ षडयंत्र रचने का आरोप
उन्होंने कहा कि साजिश के तहत रियासत में देश के खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है। भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा की बहुमत वाली एनडीए सरकार है।
यह सरकार राष्ट्र की एकता और अखंडता के साथ किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करेगी। सिंह ने कहा कि विधान परिषद में प्रस्ताव पारित के मसले पर कांग्रेस को भी अपना रवैया स्पष्ट करना चाहिए जोकि रियासत में नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन सरकार में है। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा महासचिव बाली भगत और कविंद्र गुप्ता भी मौजूद रहे।