फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रॉपर्टी टैक्सः निकाय प्रधानों में असमंजस की स्थिति, लोग बोले- अभी इतना विकास नहीं कि...

Wed, 17 Feb 2021 08:09 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

निकायों की हद में प्रॉपर्टी टैक्स वसूले जाने को लेकर अधिसूचना जारी होने के बाद जहां निकाय प्रधानों में असमंजस की स्थिति है, वहीं जम्मू संभाग के कठुआ में आम लोग भी इस टैक्स के हक में नहीं हैं। अधिक लोगों का कहना है कि शहरों या कसबों में अभी इतना विकास नहीं हुआ है कि लोगों पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए। न तो अधिकतर निकायों में कचरा उठाने के प्रबंध हैं और न ही विकास की उचित रणनीति। बावजूद इसके लोगों की जेबों को ढीला करने की कोशिश की जा रही है, जो सही नहीं है। 

विज्ञापन


शहरी क्षेत्र के लोगों के पर लगने वाला संपत्ति कर अच्छा है, अगर वह नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुविधाओं पर खर्च किया जाता है। लेकिन इसके लिए भी सरकार को एक क्राइटेरिया तय करना होगा, जिसमें गरीब तबके के लोगों को छूट देनी होगी। -हितेश्वर केसर, वार्ड आठ, परलिवांड 

केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को उम्मीद थी कि सरकार से उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन इसके बजाय अगर उन्हें एक और कर के बोझ तले दबाया जा रहा है, तो यह पूरी तरह से गलत है। -सुरेंद्र गुप्ता, वार्ड-एक

पहले ही लोग अलग-अलग तरह के टैक्स चुका रहे हैं। हाल के दिनों में कठुआ के लोगों पर टोल टैक्स का दबाव पहले ही शुरू हो चुका है। अब संपत्ति पर लगने वाला कर लोगों के लिए उचित नहीं है। - हिमांशु शर्मा, एडवोकेट,  वार्ड 15, कठुआ

कोरोना संकट के चलते लोगों का रोजगार पहले ही प्रभावित हुआ है। महंगाई भी बढ़ी हुई है। कठुआ इतना बड़ा शहर नहीं है। शहर का चालीस फीसदी हिस्सा अभी विकसित भी नहीं है। ऐसे में विकास करवाने के बाद यह शहर माना जाए और फिर प्रॉपर्टी टैक्स लगाया जाए। - दया करनी, वार्ड 19,  कठुआ

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें