इन तीनों अधिकारियों के फोटो भी हैं
आतंकवाद, अलगाववाद से लड़ने का अनुभव रखने वाली एसडी जमवाल, मुकेश कुमार और आनंद जैन बने डीजीपी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, अलगाववाद और संवेदनशील दौर में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल चुके तीन वरिष्ठ आईपीएस को पुलिस बल में सर्वोच्च जिम्मेदारी मिली है। विपरीत स्थितियों में काम करने के अनुभव और नेतृत्व क्षमता में निखार के कारण वर्तमान में यह अधिकारी राज्य व केंद्रशासित प्रदेशों के डीजीपी बने हैं। इनमें एसडी जमवाल को अरुणाचल प्रदेश, मुकेश कुमार को मणिपुर और आनंद जैन को लद्दाख का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है।
जम्मू-कश्मीर में सेवा के दौरान इन अधिकारियों ने ऐसे समय में काम किया, जब प्रदेश लगातार सुरक्षा चुनौतियों और संवेदनशील परिस्थितियों से गुजर रहा था। आतंकवाद और अलगाववाद से निपटने के साथ-साथ आम लोगों में विश्वास बनाए रखना और कानून-व्यवस्था को सामान्य रखना बड़ी चुनौती थी। तीनों अधिकारियों ने विभिन्न पदों पर रहते हुए इन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में इन अधिकारियों ने अपने नेतृत्व क्षमता का अच्छा प्रदर्शन किया था। जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले तीन अधिकारियों का डीजीपी पद तक पहुंचना न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जम्मू-कश्मीर में अर्जित अनुभव देश के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्यों खास हैं ये तीन अधिकारी
एसडी जमवाल (अरुणाचल प्रदेश डीजीपी)
1995 बैच के आईपीएस अधिकारी जम्मू-कश्मीर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। एडीजीपी सुरक्षा, निदेशक शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी उधमपुर, आईजीपी जम्मू जोन रहे। सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े मामलों में लंबा अनुभव। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के दूसरे पुलिस प्रमुख डीजीपी बने (2023–2025/2026)
मुकेश कुमार (मणिपुर डीजीपी)
1996 बैच के आईपीएस अधिकारी जम्मू-कश्मीर में एडीजीपी जम्मू जोन समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। सिविल इंजीनियरिंग में आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट। आतंकवाद-विरोधी अभियानों का व्यापक अनुभव है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के साथ काम कर चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े अभियानों में उनकी अहम भूमिका रही है। 2026 में लद्दाख के डीजीपी रह चुके हैं।
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आनंद जैन (लद्दाख डीजीपी)
1999 बैच के आईपीएस अधिकारी जम्मू कश्मीर सशस्त्र पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक रहे। एसपी ईस्ट श्रीनगर, एसएसपी जम्मू, डीआइजी राजोरी पुंछ के अलावा निदेशक सतर्कता आयोग, निदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जम्मू कश्मीर और जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस बल के महानिदेशक समेत जम्मू-कश्मीर पुलिस में विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी योग्यता, वीरता और कार्यकुशलता का परिचय दिया है। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) समेत कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।