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स्लॉटर हाउस प्रोजेक्ट की फाइल पांच साल सचिवालय में घूमती रही, फिर भी नहीं मिली मंजूरी

Tue, 13 Apr 2021 10:57 PM IST
प्रशांत कुमार सतीश वालिया, जम्मू

सार

प्रोजेक्ट के तहत 40 से ज्यादा मॉडल स्लाटर हाउस तैयार होने थे। जिसमें से नगर निगम को 5 करोड़ रुपये खर्च करने थे। यहां पर आधुनिक मशीनें स्थापित होनी थीं। इससे गंदगी न के बराबर होती।
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जम्मू नगर निगम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्र सरकार से मॉडल स्लाटर हाउस बनाने के लिए नगर निगम को मिलने वाला 15 करोड़ का प्रोजेक्ट कैंसिल हो गया है। इस प्रोजेक्ट पर 2016 में काम शुरू हुआ, लेकिन 2021 तक सिर्फ कार्रवाई ही चलती रही। नगर निगम की ओर से प्रस्ताव बनाकर सचिवालय को भेजा गया। मगर अनुमति के लिए साइन ही नहीं हो पाए।

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इस कारण प्रोजेक्ट के लिए राशि नहीं मिल पाई। वहीं, नगर निगम ने नगरोटा में स्लाटर हाउस के लिए जहां जमीन का चयन किया वहां विरोध के चलते प्रस्ताव रिवाइज कर हर साल भेजना पड़ा। लंबे इंतजार के बाद फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय ने प्रोजेक्ट ही कैंसिल कर दिया।  

 प्रोजेक्ट कैंसिल होने का पत्र भी मंत्रालय से पहुंच गया है। पत्र में लिखा गया है कि कार्रवाई पांच साल में पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट को कैंसिल किया जाता है। प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए नगर निगम के मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा और आयुक्त सचिव धीरज गुप्ता कुछ नहीं कर पाए। प्रस्ताव सचिवालय में घूमता रहा। अनुमति के लिए यहां से साइन होने थे। 

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दस-दस करोड़ के प्रस्ताव बनते तो आयुक्त स्तर पर ही फाइनल होना था प्रोजेक्ट 

विभागीय सूत्रों के अनुसार अगर दस-दस करोड़ के प्रस्ताव बनते तो आयुक्त अपने स्तर पर प्रोजेक्ट को पास कर सकती थी। मगर ऐसा नहीं हो पाया। इस बारे में जानकारी न तो मेयर को थी न ही आयुक्त को। ऐसे में शहर का बड़ा प्रोजेक्ट हाथ से निकल गया। 
 
हाउस में ही मसले को रखा गया। आखिर ऐसे ही प्रोजेक्ट कैंसिल होते रहे तो शहर में विकास कैसे होगा। इसमें सीधी मेयर की लापरवाही सामने आई है। -राजेंद्र शर्मा, चेयरमैन हाउस कमेटी, जम्मू नगर निगम 
प्रोजेक्ट कैंसिल होने का कारण जमीन का विवाद भी रहा है। जहां पर जमीन फाइनल की, वहां लोगाें ने विरोध जताया। ऐसे में जगह का चयन नहीं हो पाया। हालांकि प्रोजेक्ट के काम के लिए नगर निगम ने पूरा प्रयास किया। - सुधीर बाली, एसीआर (संयुक्त आयुक्त), जेएमसी
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