जम्मू। बारिश से शहर की कालिका कॉलोनी में मंगलवार को और एक घर की दीवार गिर गई। कॉलोनी में नाले के किनारे और 10 से ज्यादा घरों को खतरा बना हुआ है। इसमें कुछ लकड़ी के शेड भी हैं। ये सभी नाले के किनारे अवैध रूप से तैयार किए गए हैं। अब तक कॉलोनी में पांच घर ढह चुके हैं। अब मूसलाधार बारिश हुई तो और नुकसान हो सकता है। इसी आशंका के चलते नाले के साथ बने घरों के लोग मंगलवार को सामान समेटने में लगे रहे।
हाल ही में हुई बारिश के कारण नाले उफान पर रहे। अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। कई जगहों से अतिक्रमण हटाया जाना था, लेकिन कुछ चुनिंदा जगहों पर ही कार्रवाई की गई। इससे नगर निगम की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नानक नगर नाले के किनारे बीस से ज्यादा भवन अवैध हैं। कालिका कॉलोनी में भी अतिक्रमण किया गया है। लोगों ने जमीन कम होने के कारण नाले किनारे ही कमरे बना लिए हैं। अब बरसात में मुसीबत बन गई है। उधर, मुख्य यातायात अधिक (सीटीओ) नगर निगम ने बताया कि नालों पर से अतिक्रमण हटाया जा रहा है, जहां पर स्लैब डाले गए थे और नाले ब्लॉक हैं, उन्हें भी खोला जा रहा है।
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नालों को कवर करने
से बढ़ी ज्यादा समस्या
नगर निगम ने खुद ही नालों को कवर करने पर काम शुरू करवाया। अब यह काम भी लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। कई जगह नालों की पूरी तरह से सफाई नहीं हो रही है। इस कारण जलभराव हो रहा है। शहर में 50 से ज्यादा नालों पर स्लैब डाले गए हैं।
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सफाई न होने से गलियों में
पहुंचा नालियों का कचरा
सफाई न होने के कारण और अवरुद्ध होने के कारण नालियों का कचरा कचरा गलियों में पहुंच गया। डंपिंग साइटों का कचरा भी सड़कों पर आ गया। इसे समेटने में सफाई कर्मचारियों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुराने शहर में सबसे ज्यादा समस्या रही। निचले इलाकों में जलभराव की समस्या आ रही है। हालांकि हर बार बारिश के बाद नालियों को गहरा करने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। मौजूदा समय में कुछ जगहों में नालियां आधे से एक फुट तक गहरी हैं। पानी ज्यादा होने के कारण जलभराव हो रहा है। अब तक बड़े स्तर पर काम नहीं चल पाया है।
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निकासी न होने से सड़कें जलमग्न
नगर निगम के प्रबंधों की खुली पोल
मंगलवार को बारिश सुबह पांच बजे शुरू हुई। इसके बाद मुख्य सड़कों और चौराहों में जलभराव हो गया। फ्लाईओवर, डोगरा चौक, कैनाल रोड, सीएसआईआर रोड, पनामा चौक, गांधी नगर, शास्त्री नगर में परेशानी खड़ी हुई है। इससे नगर निगम के प्रबंधों की भी पोल खुल गई। बारिश के तेज होते ही नानक नगर समेत अन्य जगहों में नाले किनारे बसे लोग सहम गए, हालांकि नाले का जलस्तर सामान्य ही रहा। इस कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। नगर निगम की टीमें भी नाले और नालियों की मरम्मत करती रहीं। तवी नदी भी उफान पर रही।
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तीन सौ करोड़ चार साल में
कहां खर्च किए, उठ रहे सवाल
विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि नालों की मरम्मत और इन्हें गहरा करने के लिए तीन सौ करोड़ रुपये चार साल में खर्च किए गए हैं, लेकिन यह पैसा कहां पर खर्च हुआ, कोई हिसाब-किताब नहीं है। इतनी राशि खर्च होने के बाद भी नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं। जहां नाले जिस हालत में थे, अब भी वैसे ही हैं। सिर्फ नालों से कचरा ही लिफ्ट हो पाया है। जनरल हाउस की दसवीं बैठक होने वाली है। नौ बैठकों में नाले और नालियों की समस्या से संबंधित मसले पार्षद उठाते रहे हैं। जब से नगर निगम के चुनाव हुए और जनरल हाउस की कार्रवाई हुई, पार्षद इस मुद्दे को उठाते रहे, लेकिन इस बार भी सारे दावे हवा-हवाई ही साबित हुए हैं।
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सफाई कर्मी को लगा करंट
जम्मू। बारिश के कारण मुट्ठी में एक गाय को खंभे से करंट लग गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सुबह जब सफाई कर्मचारियों ने मवेशी को देखा तो उसे उठाने की कोशिश की। इससे एक सफाई कर्मचारी को भी करंट लगा और वह नीचे गिर गया। अन्य कर्मचारियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। ब्यूरो
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बिजली-पानी की समस्या भी रही
जम्मू। बारिश और तेज हवाएं चलने से शहर में बिजली की समस्या बनी रही। न्यू प्लॉट, सिद्दड़ा और नरवाल में तीन ट्रांसफार्मर जले हैं। पुराने शहर, बख्शी नगर, रेशमघर कॉलोनी, बस स्टैंड, रघुनाथ बाजार समेत अन्य जगहों में बिजली के साथ पानी की समस्या बनी रही। कुछ इलाकों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की गई है। ब्यूरो
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मौसम हुआ ठंडा, उमस से निजात
जम्मू। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। इस कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक निजात मिली है। बारिश थमने के बाद लोग रोजमर्रा के कामों के लिए निकले। अन्य दिनों के मुकाबले मंगलवार का दिन ठंडा रहा। लोगों ने पार्कों और अन्य जगहों में घूमने का भी आनंद लिया। ब्यूरो