जम्मू। शहर की सुरक्षा में अहम साबित होने वाली जन सुरक्षा योजना शुरू होने से पहले ही ठंडे बस्ते में चली गई है। डेढ़ साल के बाद भी यह योजना चिंग से आगे नहीं बढ़ पाई। योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह किश्त पर सीसीटीवी लगाए जाने थे। दस हजार रुपये में लगने वाले दो कैमरों की कीमत 20 किश्तों में चुकानी थी, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ पाई। हैरानी की बात तो यह है कि इस योजना को लेकर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर और अधिकारियों के अलग-अलग बयान हैं। जानकारी के अनुसार डेढ़ साल पहले दिल्ली की आईटी कंपनी ने नगर निगम के साथ एमओयू साइन किया था, लेकिन डेढ़ साल बाद भी कंपनी ने इस काम के लिए कोई तवज्जो नहीं दी है।
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पत्र लिखकर मांगी अंतिम जानकारी
इसे लगाने वाली कंपनी को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है कि अब तक कैमरे क्यों नहीं लगे। इसके लिए पत्र भी लिखा गया है। कंपनी से कहा गया है कि अंतिम बार बता दें कि क्या किया गया है। ऐसी भी जंानकारी है कि कुछ लोगों ने पैसे भी जमा कराए हैं।
- सुधीर वाली, एसीआर, जेएमसी जम्मू
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सेवा केंद्र पर फार्म मिल रहे, कैमरे भी लग रहे
कई वार्डों में कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके लिए सेवा केंद्र काम कर रहे हैं। यहां पर फार्म भरकर कई जगहों पर कैमरे लगे भी हैं।
- पूर्णिमा शर्मा, डिप्टी मेयर, जेएमसी जम्मू
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इसके बारे जानकारी नहीं
इसके बारे में नगर निगम के एसीआर से बात करें, उनके पास योजना से संबंधित कोई जानकारी नहीं है।
- चंद्र मोहन गुप्ता, मेयर, जेएमसी जम्मू