जम्मू। मंदिरों के शहर जम्मू में पानी के पाइप बदलने के लिए सौ करोड़ की परियोजना का ज्यादा फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। इकोनॉमिक रिकंस्ट्रक्शन एजेंसी (ईरा) ने पाइप बिछाने का काम पूरा कर प्रोजेक्ट को बंद कर दिया है, लेकिन जलशक्ति विभाग जब पानी छोड़ रहा है तो कहीं पाइप कम मिल रहे हैं तो कहीं लीकेज से पानी सड़क पर आ रहा है। गरमी के मौसम में कई इलाकों में पानी पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। हैरत की बात है कि ईरा और जलशक्ति विभाग पानी आपूर्ति तंत्र में खामियों को लेकर जिम्मेवारी एक दूसरे पर डाल रहे हैं।
शहर के नरवाल, सैनिक कालोनी, ग्रेटर कैलाश, पनामा चौक, न्यू प्लाट, रिहाड़ी समेत शहर के अन्य जगहों में पाइप बिछाए गए हैं। पनामा चौक में जलशक्ति विभाग ने जब पानी छोड़ने से पहले पाइप लाइन जांची तो कई पाइप गायब मिले। ऐसे में सप्लाई छोड़ने पर पानी सड़कों पर बहने लगा।
जलशक्ति विभाग का दावा है कि ईरा ने पाइप लाइन विभाग के सुपुर्द नहीं की। नतीजतन पानी की आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कई जगहों पर पाइप गायब हैं। आधा अधूरा काम हुआ है। जब इन इलाकों में पानी छोड़ा गया तो पानी सड़कों पर बहने लगा। वहीं, ईरा का कहना है कि काम पूरा होने के बाद प्रोजेक्ट को जलशक्ति विभाग के हवाले किया गया है। प्रोजेक्ट बंद हो चुका है और इसे अब जलशक्ति विभाग को ही देखना है।
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खराब हाईड्रेंट में भी पहुंचना था पानी
शहर में पेयजल किल्लत का समाधान करने के अलावा नई पाइप लाइन से खराब पड़े हाईड्रेंट भी चलाए जाने थे, लेकिन क्रियान्वयन में खामियों से हाईड्रेंट भी पूरी तरह से जुड़ नहीं पाए हैं।
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कोट
प्रोजेक्ट पर 2012-13 में काम शुरू हुआ था। 2019 में इसे बंद कर दिया गया। पूरी परियोजना अब जलशक्ति विभाग के पास है। कहां पाइप जोड़ने हैं और पानी आपूर्ति कैसे करनी है, यह सब जलशक्ति विभाग को ही देखना है।
- हेम राज, निदेशक, ईरा