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जीएमसी की इमरजेंसी में अब अल्ट्रासाउंड के देने होंगे 160 रुपये

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जम्मू। जीएमसी में इमरजेंसी चिकित्सा सुविधाएं महंगी हो गई हैं। निशुल्क दी जा रही अल्ट्रासाउंड सुविधा पर अब मरीजों को 100 से 160 रुपये खर्च करने होंगे। इस नई व्यवस्था से सड़क हादसे, बिना शिनाख्त वाले और गरीब मरीजों पर बोझ बढ़ेगा। इमरजेंसी में जरूरतमंद मरीजों के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधा (विभिन्न तरह के टेस्ट) लेने के लिए चिकित्सा अधीक्षक से अनुमति लेने का प्रावधान है, लेकिन यह सीमित ही रहता है। इमरजेंसी में पहुंच रहे मरीजों ने अल्ट्रासाउंड पर शुल्क लेने का विरोध किया है।
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नई व्यवस्था में कलर डॉप्लर और अल्ट्रासाउंड पर दो तरह के शुल्क देने पड़ रहे हैं। मरीजों का आरोप है कि अमूमन अल्ट्रासाउंड सेक्शन में कोई वरिष्ठ सलाहकार नहीं होता है। पीजी विद्यार्थियों से ही यह व्यवस्था चलाई जा रही है। अगर अस्पताल प्रशासन अल्ट्रासाउंड पर शुल्क ले रहा है तो उसे जांच की फिल्म, सलाहकार की रिपोर्टिंग और अन्य जांच रिपोर्ट दी जानी चाहिए, जबकि पहले की तरह कार्ड पर ही अल्ट्रासाउंड जांच के बारे में लिखकर दे दिया जा रहा है।
अखनूर निवासी रामेश्वर दत्त ने बताया कि वह भाई को लेकर अस्पताल पहुंचे थे और उन्हें इमरजेंसी में विभिन्न जांच के साथ नई व्यवस्था में अल्ट्रासाउंड के लिए भी शुल्क देना पड़ा, जो सही नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता सोमनाथ डबगोत्रा ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सभी चिकित्सा सुविधाएं देने के बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इमरजेंसी में ही ऐसे शुल्क करने से मरीजों के साथ तीमारदारों की परेशानी के साथ आर्थिक बोझ बढ़ेगा। सरकार को ऐसे शुल्क शीघ्र वापस लेने चाहिए।
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कश्मीर में पहले से लिया जा रहा शुल्क : प्रिंसिपल
जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि कश्मीर के मेडिकल कालेज में पहले ही इमरजेंसी में टेस्टों के लिए शुल्क लिया जा रहा है। एचओडी रेडियोलॉजी के परामर्श के बाद अल्ट्रासाउंड पर शुल्क लगाया गया है, जिसमें राजस्व जुटाकर इन्ही यूनिटों के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। इसके साथ गैर जरूरी परीक्षण पर रोक लेगेगी।
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