जम्मू। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद जिले में लगाया गया 84 घंटे का लॉकडाउन शुक्रवार को सख्ती के साथ लागू किया गया। किसी को बेवजह बाहर नहीं निकलने दिया गया। पुलिस ने कंटीले तार लगाकर मुख्य चौक-चौराहे बंद कर दिए। सड़कों पर पुलिस कर्मी तैनात नजर आए। शहर के विभिन्न हिस्सों में नाके लगाए गए हैं और लोगों को रोक कर पूछताछ की जा रही है। बिना किसी कारण घर से निकले लोगों को चेतावनी देकर वापस लौटाया गया। लॉकडाउन वीरवार शाम सात बजे शुरू हुआ था और शाम को पूरे शहर को पुलिस ने अपनी सुरक्षा में ले लिया।
शुक्रवार सुबह छह बजे राशन, दूध और अन्य जरूरी सामान की दुकानें खुलीं। लोग रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए पहुंचे। सुबह दस बजे दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दीं। पुलिस मोबाइल वैन के आने के बाद सड़कें और गलियां सुनसान हो गईं। इसके बाद इक्का दुक्का लोग ही सड़कों पर नजर आए। दोपहर बाद सड़कों में इक्का-दुक्का लोग काम के लिए आते दिखे। रघुनाथ बाजार, पुराने शहर, इंदिरा चौक, भारत माता चौक सहित शहर के अन्य इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। कार्यालयों और बैंकों में भी कामकाज नहीं हो पाया।
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बस स्टैंड पर दूरदराज इलाकों
को जाने वाले लोग फंसे रहे
बस स्टैंड में अन्य जगहों को जाने वाले दो से इक्का-दुक्का लोग फंसे रहे। निजी बसें न चलने पर लोग बैंचों पर आराम करते रहे। गलियों में रेहड़ी वाले सब्जी बेचते निकले, लेकिन लोगों के घरों से न निकलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। पुराने शहर में भी सड़कें सुनसान रहीं। पुलिस का कड़ा पहरा रहा। लोग घरों से बाहर नहीं आए। इसी तरह धार्मिक स्थलों में भी लोग पूजा करने नहीं पहुंचे। देर शाम कुछ लोग घरों से काम के लिए निकले।
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सब्जी मंडी में भी कारोबार मंदा
दुकानदारों ने नहीं खरीदीं सब्जियां
नरवाल सब्जी मंडी में भी अन्य दिनों की अपेक्षा कारोबार मंदा रहा। दुकानदार कम सब्जियां खरीदने पहुंचे। सब्जी मंडी के आढ़तियों ने पंजाब और अन्य राज्यों को सब्जी को दिए ऑर्डर सुबह रद्द करवाए। थड़ों पर वीरवार को खरीदी सब्जियों को ही बेचा गया। इसी तरह फसल व्यवसाय काफी हद तक प्रभावित हुआ है।