जम्मू। लॉकडाउन के नौ महीने बाद अक्तूबर से प्रदेश में सिनेमाघर खोलने की मंजूरी मिली थी, लेकिन मंजूरी मिलने के दो महीने बाद भी सिनेमाघर बंद पड़े हैं। इसका सबसे बड़ा कारण नई फिल्मों का रिलीज नहीं होना है। जम्मू शहर में छह सिनेमाघर हैं, जिनमें से एक-दो को छोड़कर अधिकांश बंद पड़े हैं। सिनेमाघर बंद होने से हजारों लोगों का रोजगार भी छिन गया है। बड़े बजट की नई फिल्म रिलीज होने तक सिनेमाघर के खुलने की उम्मीद भी नहीं है।
प्रदेश में जम्मू, उधमपुर और कठुआ जिले में ही सिनेमाघर हैं। इनमें सबसे अधिक जम्मू शहर में हैं, मार्च में लॉकडाउन के दौरान इन्हें बंद किया था, लेकिन नौ महीने बाद अक्तूबर में सिनेमाघर शरू हुए थे। वर्तमान में केसी पीवीआर और वेव मॉल सिनेमा में ही शो चलता है, लेकिन हर शो में 15 से 20 लोग ही पहुंच रहे हैं।
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पुरानी फिल्में लगाने
से हो रहा नुकसान
प्लैटिनम सिनेमा के मैनेजर पुनीत पाल सिंह ने कहा कि हमने थियेटर को बंद रखने का ही फैसला लिया है। बड़े बजट की नई फिल्में रिलीज नहीं हो रही हैं, जो हो रही हैं लोग उन्हें देखने नहीं पहुंच रहे, ऐसे में सिनेमाघर में फिल्म लगाने से उन्हें नुकसान हो रहा है। यह पूरा साल काफी बुरा रहा है।
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थियेटर बंद होने से कई
लोगों का छिन गया रोजगार
अप्सरा थियेटर के मैनेजर तिलक राज ने कहा कि सिनेमाघर बंद होने से काफी लोगों का रोजगार छिन गया है। अभी फिलहाल कोई उम्मीद नहीं कि कब तक हमारा काम सामान्य स्थिति में पहुंचेगा। वर्तमान में जो भी फिल्में रीलिज हो रही हैं वे ओटीटी प्लेटफार्म पर हैं।
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वैक्सीन मिलने के बाद ही
सामान्य रूप से शुरू होगा काम
प्रदेश में फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन का काम करने वाले राज मित्तल ने कहा कि लॉकडाउन से पहले हमारे कारोबार करोड़ों का होता था, जो अब दो से तीन लाख तक रह गया है। कोरोना वैक्सीन नहीं आने तक स्थिति ऐसी ही रहेगी।