जम्मू। मंदिरों के शहर में कश्मीरी लोगों ने गर्म कपड़ों की रेहड़ियां लगना शुरू कर दी हैं। ये लोग हर साल सर्दियों के मौसम में पनामा चौक, बीसी रोड, खेड़का तालाब, तवी पुल समेत जम्मू की अन्य जगहों पर कपड़ों का कारोबार करने आते हैं। ये लोग 10 महीने कश्मीर में काम करते हैं, जब सर्दी की शुरूआत होती है तो जम्मू में आकर अलग-अलग हिस्सों में गर्म कपड़े बेचते हैं। जम्मू में कपड़ों की रेहड़ी लगाने आए कुलगाम से मेहराज, अनंतनाग से आदिल और बारामूला से सोहेब ने बताया कि वे काफी समय से हर साल गर्म कपड़े बेचने जम्मू आ रहे हैं। बीते वर्षों के मुकाबले इस बार कोरोना महामारी के कारण बहुत कम कश्मीरी गर्म कपड़े बेचने जम्मू पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस साल कोरोना महामारी के कारण बिक्री भी ज्यादा नहीं हो पा रही है। ऊपर से पुलिस भी रोड पर रेहड़ी लगाने के लिए रोकती है, जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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रेहड़ी पर एक कपड़े को कई लोग
कर रहे ट्राई, कोरोना बढ़ने का खतरा
कपड़ों की रेहड़ियों पर कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। रेहड़ियों पर रखे कपड़ों को कोई भी ट्राई के तौर पर पहन सकता है, एक कपड़े को कई लोग ट्राई करते हैं, जिनमें अगर एक भी कोरोना संक्रमित होता है तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। यहां सैनिटाइजर का भी कम ही प्रयोग किया जा रहा है। इससे जम्मू में रेहड़ी कारोबारियों के लिए भी चुनौती खड़ी हो गई है। प्रशासन को चाहिए की रेहड़ियों पर सैनिटाइजर रखने के आदेश जारी करे, ताकि जम्मू में कोरोना संक्रमण बढ़ने से रोका जा सके।