जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने एक समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पहल से निजी जल भराव स्टेशनों का एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार होगा, जिससे निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत किया जा सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य पेयजल आपूर्ति में पारदर्शिता बढ़ाना, जवाबदेही सुनिश्चित करना और गर्मियों में बढ़ती मांग के दौरान जल वितरण प्रणाली को बेहतर बनाना है।
मंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए वर्षा जल संचयन (रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) को जल प्रबंधन का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी नए सरकारी भवनों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने पेयजल आपूर्ति, बाढ़ प्रबंधन और गर्मी व आगामी मानसून सीजन की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भूजल स्तर की नियमित निगरानी की जाए और केंद्रीय भूजल बोर्ड के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।