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Jammu News: कैंटीन के नाम मनमाना शुल्क ले रहे हैं निजी प्लेवे स्कूल

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। जिले के कई निजी प्री प्राइमरी स्कूल पैसा कमाने के लिए गलत तरीके अपना रहे हैं। दाखिला, एडमिशन, किताबें, वर्दी, फैंसी ड्रेस और कैंटीन के शुल्क के नाम पर अभिभावकों को लूटा जा रहा है। अधिकांश निजी स्कूलों ने मर्जी से फीस सहित अन्य शुल्क तय किए हुए हैं। हर बच्चे से प्रति महीने खाने के 1500 से 2000 रुपये लिए जा रहे हैं। आलम तो यह है कि शुल्क गर्मी की छुट्टियां में भी लिया जाता है।
शहर में अधिकांश प्री प्राइमरी स्कूल विभाग की मंजूरी के बिना फीस को बढ़ा रहे हैं। छन्नी हिम्मत सेक्टर पांच में बड्स स्कूल (प्लेवे और प्राइमरी) है। यहां अभिभावकों से कैंटीन शुल्क के नाम पर 1500 रुपये लिए जाते है, जबकि पिछले वर्ष शुल्क एक हजार रुपये रखा गया था। अभिभावक ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर कहा कि स्कूल की मनमानी जारी है। किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हो रही। बिना कारण कैंटीन शुल्क में पांच सौ रुपये की वृद्धि की गई। यही नहीं, शुल्क गर्मियों की छुटि्टयों में भी लिया जाता है। एक महीने में आठ छुट्टियां होती हैं। एक समय के खाने के लिए बच्चे से 20 दिन का 1500 शुल्क लिया जा रहा हैं। इन स्कूलों के लिए नियम बनने चाहिए।
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अनिवार्य नहीं है शुल्क
स्कूल प्रशासक संजय सिंह ने कहा कि कैंटीन शुल्क अभिभावकों के लिए अनिवार्य नहीं है। वह अगर नहीं चाहते तो शुल्क मत दे। जब पूछा कि गर्मियों की छुट्टियों में शुल्क अभिभावकों से क्यों लिया जाता है तो उन्होंने प्रिंसिपल मृदुल मंगोत्रा से बात करने के लिए कहा। मृदुल मंगोत्रा को फोन किया तो उन्होंने जवाब नहीं दिया। अब उनसे बात होने के बाद शुल्क की स्थिति साफ होगी।
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