अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गंग्याल वार्ड 56 में भगवान परशुराम मंदिर परिसर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा जारी है। शुक्रवार को कथा के छठे दिन कथावाचक सुरेंद्र शास्त्री जी महाराज ने उधव चरित्र, महारासलीला व रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण से उन्हें पति रूप में पाने की इच्छा प्रकट की। भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों की इस कामना को पूरी करने का वचन दिया। अपने वचन को पूरा करने के लिए भगवान ने महारास का आयोजन किया। इसके लिए शरद पूर्णिमा की रात को यमुना तट पर गोपियों को मिलने के लिए कहा गया। सभी गोपियां सज-धजकर नियत समय पर यमुना तट पर पहुंच गईं। कृष्ण की बांसुरी की धुन सुनकर सभी गोपियां अपनी सुध-बुध खोकर कृष्ण के पास पहुंच गईं।
जितनी गोपियां उतने ही श्रीकृष्ण के प्रतिरूप प्रकट हो गए। सभी गोपियों को उनका कृष्ण मिल गया। इस मौके पर आयोजक मंडली की ओर से आकर्षक वेश-भूषा में श्रीकृष्ण व रुक्मिणी विवाह की झांकी प्रस्तुत कर विवाह संस्कार की रस्मों को पूरा किया गया। छठे दिन पूर्व मंत्री व जम्मू कश्मीर कांग्रेस के वर्किंग प्रेसीडेंट रमन भल्ला भी कथा सुनने पहुंचे और संगत के साथ बैठकर कर कथा सुनी और आरती में भाग लिया।